सहारनपुर, चिलकाना। बरात चढ़ने से पहले ही दूल्हे के पिता की मौत हो जाने से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। मढ़े की दावत के लिए इकट्ठा हुए रिश्तेदारों ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। इसके बाद पांच आदमियों की बरात ले जा कर सादगी से विवाह का निर्णय लिया गया।
चिलकाना के गांव नथमलपुर निवासी प्रेमचंद सैनी (55) के बेटे विशाल की शादी है। रविवार को मंढा होना था। प्रेमचंद के बड़े पुत्र आकाश ने बताया कि शनिवार रात लगभग दो बजे तक मंढे की तैयारी कराकर सभी परिजन अपने अपने कमरों में जाकर सो गए थे। सुबह जब पिताजी काफी देर तक नहीं जगे, तो उनके पास जाकर देखा गया। वह अपने कमरे में चारपाई पर मृत अवस्था में पड़े मिले।
माना जा रहा है कि हार्ट फेल होने से उनकी मौत हुई है। घर के मुखिया की अचानक हुई मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गई। रविवार को मंढे में आने वाले रिश्तेदार प्रेमचंद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।