गंगोह में पन्नी की छत वाले कच्चे घर मे खड़ी भारती। संवाद
सहारनपुर, गंगोह। मोहल्ला मखदूमजहां निवासी विधवा शिमला देवी पत्नी महिपाल अपनी दो बेटियों के साथ साढ़े तीन वर्षों से टूटी छत पर पन्नी डालकर गुजर-बसर कर रहीं हैं। छह माह पहले विधायक ने घर पहुंच कर आवास बनवाने का आश्वासन दिया था, वह भी कोरा ही साबित हुआ है।
शिमला देवी की छोटी बेटी भारती ने बताया कि उनके पिता का देहांत दस वर्ष पूर्व हो गया था। मां और बहन मधु मजदूरी कर किसी तरह घर चला रहीं हैं। तीन साल पहले मकान की छत गिर गई थी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते मरम्मत नहीं हो सकी।
प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय योजना के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन अब तक सूची में उनका नाम नहीं आया।
गत वर्ष 23 अगस्त को अमर उजाला में उनकी पीड़ा को प्रकाशित किया तो विधायक किरत सिंह ने उनके घर पहुंच जल्द आवास दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन छह महीने बाद भी केवल राशन कार्ड बनाकर इतिश्री कर ली गई। नौवीं की छात्रा भारती ने पीएम और सीएम से गुहार लगाई कि उन्हें आवास और शौचालय योजना का लाभ मिले।