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बढिया भाव से खिले फूल उत्पादकों के चेहरे

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पॉली हाउस में जरवेरा के फूल - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कारोना काल से घाटे का सामना कर रहे फूल उत्पादकों को अब राहत मिलनी शुरू हो गई है। दिल्ली की गाजीपुर फूल मंडी में इस समय जरबेरा, ग्लोडियोलस और कारनेशन आदि फूलों के अच्छे भाव चल रहे हैं। इससे फूल उत्पादकों के चेहरे पर चमक आ गई है।
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जनपद में करीब 149720 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पॉलीहाउस मेें फूलों की खेती होती है। इसमें जरबेरा, गुलाब और कारनेशन फूल शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 79 हेक्टेयर रकबे में रजनीगंधा, ग्लोडियोलस और गेंदा आदि फूलों की खेती हो रही है। मांग की तुलना में उत्पादन कम होने से उत्पादकों को फूलों के अच्छे भाव मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के चलते उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे उत्तराखंड के काफी पॉली हाउस वालों ने फूलों की खेती को समाप्त कर उसके स्थान पर सब्जियों की खेती करना शुरू कर दिया है। वे पॉलीहाउस में शिमला मिर्च, टमाटर और खीरा आदि की खेती कर रहे हैं। इन पॉलीहाउस में अब फूलों का उत्पादन नहीं होने का असर मंडी में इसकी आवक पर पड़ा है। गाजीपुर मंडी में फूलों की आवक कम होने से जनपद के उत्पादकों को फूलों का बढ़िया भाव मिल रहा है।
बोले किसान
फूलों के बढ़िया मिल रहे भाव
दिल्ली की गाजीपुर मंडी में जरबेरा, गुलाब, कारनेशन सहित अन्य फूलों के बढ़िया भाव मिल रहे हैं। इस समय दस फूलों वाले जरबेरा का एक बंच 80 से 100 रुपये तक बिक रहा है। कारनेशन के 20 फूलों का एक बंच का रेट भी 250 से 300 रुपये तक प्राप्त हो रहा है। गुलाब और ग्लेडिलोयस फूलों के भाव भी काफी बेहतर हैं। - सतीश कुमार, फूल उत्पादक गांव आलमपुर खुर्द
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बढ़िया भाव से मिलेगी उत्पादकों को राहत
मंडी में फूलों का अब बढ़िया भाव मिलना शुरू हुआ है। पिछले दो वर्षों में फूल उत्पादकों को भारी घाटे का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन के चलते मांग समाप्त होने से फूल उत्पादकों को अपने फूलों को तुड़वाकर परिसर में ही डंप करना पड़ रहा था। अब फूलों के भाव बढ़िया मिलने से फूल उत्पादकों को राहत मिलेगी। - राजेश पंवार, फूल उत्पादक गांव मवी खुर्द

किसान सतीश कुमार- फोटो : SAHARANPUR

राजेश पंवार- फोटो : SAHARANPUR

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