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नाटक कशमकश ने दर्शकों पर छोड़ी छाप

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सहारनपुर के आई आई टी सभागार में कशमकश नाटक का मंचन करते कलाकार - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। सीपीपीआरआई (केंद्रीय लुगदी एवं कागज अनुसंधान केंद्र) के सभागार में दर्शक एक घंटे तक जमे रहे। मौका था रंग संस्था अभिनय मित्र के कलाकारों द्वारा नाटक कशमकश के मंचन का। डॉ. शंकर शेष द्वारा लिखित, रंगकर्मी संदीप शर्मा द्वारा परिकल्पित और काशिफ नून सिद्दीकी द्वारा निर्देशित इस नाटक ने दर्शकों के दिल और दिमाग पर अपनी छाप छोड़ी।
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कार्यक्रम का शुभारंभ सीपीपीआरआई के निदेशक बिपिन थपलियाल, आईआईटी सहारनपुर के निदेशक डॉ. नेगी, पूर्व विधायक राजीव गुंभर और वरिष्ठ अधिवक्ता बिशंबर सिंह पुंडीर ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। इसके बाद नाटक का मंचन शुरू हुआ, इसमें मात्र एक जज और चोर के बीच संवाद होता है। चोर जो जज के घर में चोरी करने के इरादे से घुस जाता है, मगर जज जाग जाती है और उसके बाद उनके बीच में संवाद होता है, जो भावों के मध्य चढ़ता उतरता, एक ऐसे मुकाम पर जाकर खत्म होता है कि सबकी आंखें नम हो जाती हैं। केंद्रीय भूमिका में रंगकर्मी सीमा शर्मा ने जज की भूमिका निभाई, जबकि चोर की भूमिका में रंगकर्मी संदीप शर्मा ने मुम्बइया चोर का किरदार निभाया। सहायक भूमिकाओं में विशाल नारंग, प्रत्युश जैन, माथुर पहूज, कुणाल सेतिया, कीर्ति क्वात्रा, शुभम, गौरी त्रिपाठी और राधिका मित्तल रहीं।
अतिथि विश्वजीत पुंडीर ने नाटक के मंचन को सराहा। संस्था अध्यक्ष कुलदीप धमीजा ने कहा कि संस्था जल्द ही एक नाट्य प्रतियोगिता कराएगी। संगीत कुलदीप रोहिला और प्रकाश काशिफ नून सिद्दीकी का रहा। इसके आयोजन में तरुण लेखनी, मजीद खन्ना, विशाल कुमार, राहुल त्रिपाठी, प्रियंका त्यागी, अंकुश सैनी, साहिल महेंद्र, हैरिस, शान सिद्दीकी का योगदान रहा । इसमें बृजेंद्र त्रिपाठी, करुणा प्रकाश, रंजना नेब, अवनीत कौर, बीडी शर्मा, कोमल टंडन, कमल शर्मा, तपेश ममगाई, जावेद सरोहा आदि रहे।
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