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हादसे को दावत दे रहा रेलवे का जर्जर पुल

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रेलवे स्टेशन स्थित लकड़ी के टूटे पुल से गुजरते लोग - फोटो : SAHARANPUR
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हादसे को दावत दे रहा रेलवे का जर्जर लकड़ी वाला पुल
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सहारनपुर। अंग्रेजी शासन में बनाया गया 100 साल से भी अधिक पुराना रेलवे का जर्जर लकड़ी वाला पुल कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। दस साल से इस पुल को ध्वस्त करने के दावे किए जा रहे हैं। नया पुल तो बनाया नहीं गया, इसकी जगह कई बार टीन की चादर वाली पट्टी लगा दी गईं। अब ये भी उखड़ चुकी हैं। इससे यहां आने-जाने वाले लोग जख्मी हो सकते हैं। बरसात में इस पर चलना और मुश्किल हो जाता है।
उत्तर रेलवे मंडल सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य एवं सेवानिवृत्त कर्मचारी आरसी शर्मा कहते हैं कि इस पुल को बहुत पहले बना दिया जाना चाहिए था। उनके सेवाकाल में भी 30 साल से इसे बनाने के दावे चल रहे थे। मगर पुल नहीं बना। अब इस पुल पर चलना और खतरनाक हो गया है। खलासी लाइन, शारदानगर, रौनक बाजार, नवादा रोड, दुर्गापुरी, लक्ष्मणपुरी, जेजेपुरम, रेलवे इंस्टीट्यूट सहित कई क्षेत्रों के यात्री इसी पुल से होकर स्टेशन पहुंचते हैं। इस बारे में वरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा का कहना है कि पुल के लिए बड़े बजट की जरूरत है, जिसकी व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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राहत : एक माह बाद खुला रेलवे नाला पुल मार्ग
सहारनपुर। करीब एक माह इंतजार के बाद खलासी लाइन की ओर जाने वाला रेलवे क्रासिंग नाला पुल का रास्ता खोल दिया गया है। इससे यहां से रोज गुजरने वाले हजारों राहगीरों को राहत मिली है। यह रास्ता दिल्ली रोड और कोर्ट रोड को आगे अंबाला रोड से जोड़ता है। हालांकि स्थानीय राहगीरों का कहना है कि पुल की ऊंचाई अधिक होने के कारण आगे के हिस्से की सड़क समतल की जानी चाहिए। अन्यथा हादसे का डर बना रहेगा।

छोटी लाइन की पुलिया तैयार होने के बाद चलने शुरू हुए वाहन- फोटो : SAHARANPUR

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