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पल्स पोलियो अभियान से प्रभावित हुआ कोविड टीकाकरण

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जिला अस्पताल स्थित कोविड़ टीकाकरण वार्ड पर पसरा सन्नाटा - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। पल्स पोलियो अभियान के कारण स्वास्थ्य विभाग 12 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों के कोविड टीकाकरण पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रहा है। नतीजा बीते दस दिन में लक्ष्य में से मात्र 2.9 फीसदी बच्चों और किशोरों को ही टीका लग सका है। पल्स पोलियो अभियान के बाद 12 से 14 वर्ष वालों के कोविड टीकाकरण में गति आने की संभावना है।
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जिले में 12 से 14 आयु वर्ग के 1,46,835 बच्चों और किशोरों को टीका लगाया जाना है। टीकाकरण 16 मार्च 2022 से शुरू किया गया है, लेकिन इसी बीच 20 से 28 मार्च तक पल्स पोलियो अभियान शुरू कर दिया गया, जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ पल्स पोलियो अभियान में लगा दिया गया। जिले भर में शून्य से पांच वर्ष की आयु के 6.20 लाख बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है। इसकी वजह से 12 से 14 वर्ष की आयु वालों का कोविड टीकाकरण प्रभावित है। टीकाकरण की हकीकत जानने के लिए अमर उजाला की टीम शुक्रवार को एसबीडी जिला अस्पताल की एमआरआई बिल्डिंग में 12 से 14 वर्ष वालों के लिए चल रहे टीकाकरण की हकीकत जानने पहुंची। केंद्र पर करीब एक घंटे तक सन्नाटा रहा। टीकाकरण टीम की दोनों सदस्य 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों का इंतजार करती मिली। पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक कोई बच्चा या किशोर टीका लगवाने नहीं पहुंचा। स्टाफ ने बताया कि प्रतिदिन सुबह से शाम तक 12 से 14 वर्ष की आयु के मुश्किल से सात से आठ बच्चे और किशोर टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। जिले भर में दस दिनों में 4,199 बच्चे और किशोर ही टीका लगवा सके हैं।
लोग भी गंभीर नहीं
12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों को टीका लगवाने को लेकर फिलहाल अभिभावक भी गंभीर नहीं हैं। इसकी वजह कोरोना का खतरा लगभग शून्य हो जाना है। अधिकारियों का मानना है कि जो भी बच्चे और किशोर टीका लगवाने पहुंच रहे हैं वह माता पिता की जागरूकता का कारण है।
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जिले में 20 मार्च से पल्स पोलियो अभियान चल रहा है, जिसकी वजह से 12 से 14 वर्ष की आयु वालों को कोविड टीकाकरण पर अधिक ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालांकि जिले भर में करीब 40 बूथ बनाए गए हैं, लेकिन फिलहाल कम ही संख्या में टीका लगवाने के लिए बच्चे और किशोर पहुंच रहे हैं। फिलहाल स्कूलों में परीक्षाएं भी चल रही हैं, लेकिन हम 28 मार्च के बाद स्कूलों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें 12 से 14 वर्ष वालों के टीकाकरण को गति देने पर विचार किया जाएगा। डॉ. सुनील कुमार वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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