सहारनपुर के देवबंद में प्रदेश में अपने दम पर चुनाव लड़ने का दम खो चुकी कांग्रेस का देवबंद गढ़ रहा है। इस पार्टी ने देवबंद विधानसभा सीट सर्वाधिक नौ बार जीती है।
जडोदाजट निवासी ठाकुर महावीर सिंह ऐसे विधायक रहे हैं, जिन्होंने इस सीट पर चार बार जीत का परचम लहराया था। उनके इस रिकॉर्ड को आज तक कोई भी पार्टी नहीं तोड़ पाई है।
सपा कांग्रेस पार्टी ने देवबंद विधानसभा सीट सर्वाधिक नौ बार जीती है। महावीर सिंह राणा ऐसे विधायक रहे हैं जिन्होंने इस सीट पर पांच बार अपनी जीत का परचम लहराया था। उनके इस रिकॉर्ड को आज तक कोई भी पार्टी नहीं तोड़ पाई है।
देवबंद विधानसभा सीट पर 1952 से लेकर 1991 तक (38 साल) कांग्रेस पार्टी का ही दबदबा रहा है। हालांकि बाद में जनता दल, भाजपा, बसपा, सपा ने भी एक से दो बार इस सीट को कांग्रेस से छीना।
फरवरी 2016 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने विपक्षी दलों द्वारा छीनी गई सीट पर फिर से कब्जा कर लिया। कांग्रेस के ठाकुर महावीर सिंह ने चार बार देवबंद सीट को जीता है।
आजादी के बाद 1952 में हुए विस चुनाव में ठाकुर फूल सिंह पहली बार कांग्रेस के टिकट पर जीतकर विधायक बने थे। 1957 में हुए विस चुनाव में ठाकुर यशपाल सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
वह 1962 तक विधायक रहे। इसके बाद 1969 से 1977 ठाकुर महावीर सिंह ने इस सीट पर अपना कब्जा जमाए रखा। इसके बाद 1980 से लेकर 1989 (10 साल) तक भी ठाकुर महावीर सिंह का ही सीट पर कब्जा रहा।
जबकि मुजफ्फराबाद क्षेत्र निवासी महावीर सिंह राणा कांग्रेस के टिकट पर 1989 से लेकर 1991 तक विधायक रहे। देवबंद सीट पर सर्वाधिक कार्यकाल की बात करें तो ठाकुर महावीर सिंह 18 साल तक विधायक रहे थे। सबसे कम कार्यकाल जनता दल के ठाकुर वीरेंद्र सिंह का रहा है। वह मात्र डेढ़ साल ही विधायक रह सके थे।