सहारनपुर। टीबी मरीजों के लिए शुरू की गई निक्षय पोषण योजना खुद ही कुपोषित हो गई। अगस्त 2025 से अब तक तीन हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण भत्ता नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग बजट जारी नहीं होने का हवाला दे रहा है। इस संबंध में विभाग शासन को पत्र लिख चुका है।
जिले में छह हजार से अधिक टीबी मरीज हैं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार की ओर से टीबी मरीजों को इलाज के दौरान हर माह एक हजार रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। जिले में टीबी की जांच और इलाज के लिए केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों पर मरीजों की जांच के बाद टीबी की पुष्टि होने पर उनका पंजीकरण निक्षय पोर्टल पर किया जाता है।
टीबी का इलाज सामान्यत: छह से नौ महीने तक चलता है। इस दौरान मरीजों को नियमित रूप से दवाएं लेनी होती हैं। इसके साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार भी जरूरी होता है। टीबी मरीजों के खातों में जुलाई 2025 तक की पोषण सहायता राशि भेजी जा चुकी है, लेकिन अगस्त से लेकर अब तक तीन हजार से अधिक मरीजों के खातों में सहायता राशि नहीं आई है। ऐसे में इन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय और केंद्रों पर पहुंचकर भुगतान के बारे में जानकारी भी कर रहे हैं।
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जिले में टीबी रोगियों के पोषण के लिए मिलने वाली धनराशि को लेकर शासन स्तर पर डिमांड भेजी जा चुकी है। बजट के अभाव में फिलहाल भुगतान नहीं हो पाया है। सभी मरीजों के बाउचर तैयार है। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, डीबीटी के माध्यम से सभी पात्र मरीजों के खातों में राशि भेज दी जाएगी।
- डॉ. सर्वेश कुमार सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी