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Saharanpur News: टैरिफ पर डील नहीं, पश्चिम एशिया में तनाव से फंसा निर्यात

Sat, 14 Mar 2026 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। अमेरिका के साथ टैरिफ पर डील नहीं होने और इसके बाद पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते जिले का निर्यात संकट में फंस गया है। खाड़ी देशों में तनाव से करीब 150 से 200 करोड़ के ऑर्डर पर संकट है। वहीं यूरोप को जाने वाले उत्पाद भी नहीं जा पा रहे हैं।
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ईरान, अमेरिका-इस्राइल युद्ध का असर सभी क्षेत्रों पर पड़ने लगा है। खासकर जिले का निर्यात खासा प्रभावित हो रहा है। फरवरी में नोएडा में हुए एक्सपो मार्ट से इस्राइल से करीब पांच से छह करोड़ रुपये के निर्यात ऑर्डर मिले थे। युद्ध शुरू होते ही खरीदारों ने ऑर्डर को होल्ड पर डाल दिया है। इसके साथ ही जिले से अरब देशों को होने वाले निर्यात पर भी असर पड़ा है। एक तो खरीदारों ने ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं। ऐसे में करीब-करीब 150 से 200 करोड़ के ऑर्डर पर संकट है। दूसरी ओर शिपिंग कंपनियों ने भी माल भेजने से मना कर दिया है। उन्हें कंटेनरों पर हमले की आशंका है।
समुद्री रास्ता बाधित होने से यूरोप को जाने वाला मार्ग लंबा हो गया है। लाल सागर के रास्ते ओमान के जरिये जाने वाले कंटेनर भी रुके हैं। यदि स्थिति नहीं सुधरती तो यूरोप को जाने वाला माल भी अफ्रीका के रास्ते भेजना होगा। इससे न सिर्फ तय वक्त से अधिक समय लगेगा, बल्कि किराया भी बढ़ जाएगा। किराया बढ़ने से उत्पाद की लागत बढ़ जाएगी। ऐसे में तैयार माल भी महंगा होगा। जिले से करीब 400 करोड़ रुपये का निर्यात वुडन हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का होता है।
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- बोले कारोबारी
- उद्यमी प्रमोद सडाना ने बताया कि अरब देशों में संकट के चलते करीब 150-200 करोड़ रुपये के ऑर्डर फंस सकते हैं। अभी खरीदारों ने ऑर्डर को होल्ड पर रख दिया है। यूरोप जाने वाली शिप भी कई स्थानों पर फंसी हैं। स्थिति सामान्य न होने पर निर्यात और भी ज्यादा प्रभावित होगा।
- कारोबारी आरिफ खान ने बताया कि वुडन हैंडीक्राफ्ट उद्योग पहले ही संकट से गुजर रहा है। ऊपर से अरब देशों में संघर्ष ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। उम्मीद है जल्द से जल्द स्थिति सामान्य होगी।

- पेंट में इस्तेमाल होने वाले थिनर के दाम 12 फीसदी बढ़े
युद्ध का असर हर क्षेत्र पर पड़ने लगा है। पेंट कारोबार भी इससे अछूता नहीं है। पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित होने से कच्चे माल के दाम बढ़ने की आशंका हैं। थिनर के दामों में 12 फीसदी की वृद्धि हुई है। स्थिति न सुधरने से पेंट के दाम भी बढ़ने की आशंका है। इससे कारोबारी भी चिंतित है।
- मैन्यूफैक्चरिंग इकाई के मालिक राजीव अग्रवाल ने बताया कि कच्चे उत्पाद के दामों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में पेंट के दाम बढ़ने की पूरी उम्मीद है। हालात नहीं सुधरे तो दाम बढ़ाना मजबूरी हो जाएगी। पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित होने से प्रभाव पड़ रहा है।
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- पेंट कारोबारी करन चावला ने बताया कि थिनर समेत अन्य वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी हुई है। जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो पेंट के दाम भी बढ़ सकते हैं।
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