सहारनपुर। नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) एक्ट ने आरोपी पिता को दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
थाना जनकपुरी क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति की शादी दिल्ली की महिला के साथ हुई थी। महिला का पहले पति से तलाक हो गया था और उसके 13 वर्षीय बेटी थी, जो शादी के बाद अपनी मां व सौतेले पिता के साथ रहने लगी। वर्ष 2018 में नाबालिग लड़की गुमसुम रहने लगी। इस पर जब उसकी मां ने पुत्री से पूछा तो लड़की ने बताया कि सौतेला पिता एक वर्ष से उसके साथ दुष्कर्म कर रहा है। शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया कि पुलिस द्वारा मामला दर्ज न करने पर कोर्ट के माध्यम से नौ जून 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में सोमवार को सुनवाई के उपरांत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) ललित गुप्ता ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। शासकीय अधिवक्ता मेघराज सैनी ने बताया कि जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।