बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेेेश दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम की शर्तों के अनुरूप शिक्षण कार्य होगा। जिसमें कार्यदिवस और शैक्षिक घंटे निर्धारित हैं। इसकी एक वजह कोरोना के कारण सत्र 2019-20 और सत्र 2020-21 में हुए शिक्षा के नुकसान की भरपाई करना भी है।
परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार कोरोना महामारी की वजह से शैक्षिक सत्र 2019-20 तथा 2020-21 में विद्यालय बंद होने के कारण शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित रही हैं। शैक्षिक वर्ष 2021-22 में नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम में निर्धारित मानक से कम पढ़ाई हो सकी है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में 133 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 141 शिक्षण दिवस में शिक्षण कार्य हो सका है। इसकी भरपाई के लिए परिषद ने नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम में निहित प्रावधानों के अनुसार एक शैक्षणिक वर्ष में कार्य दिवसों व शिक्षण घंटों की न्यूनतम संख्या कक्षा एक से पांच तक के लि 200 कार्यदिवस एवं 800 शिक्षण घंटे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 220 कार्यदिवस और 1000 शिक्षण घंटे निर्धारित किए हैं। शिक्षक के लिए प्रति सप्ताह कार्य घंटों की न्यूनतम संख्या 45 शिक्षण घंटे रखी गई है, जिसमें तैयारी के घंटे भी शामिल हैं।
30 सितंबर तक आठ से दो बजे रहेगा समय
बेसिक शिक्षा परिषद ने एक अप्रैल से 30 सितंबर तक परिषदीय विद्यालयों का समय प्रात: आठ बजे से दोपहर दो बजे तक किया है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में सूचना भेजी है, क्योंकि जनपद में विद्यालयों के समय को लेकर शिक्षक असमंजस की स्थिति में थे।
वर्जन
शैक्षिक सत्र 2022-23 को लेकर बेसिक शिक्षा परिषद सचिव की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जिनमें विद्यालयों के कार्यदिवस और शैक्षिक घंटे निर्धारित किए हैं। विद्यालयों का समय भी तय किया है। इससे विद्यालयों को अवगत करा दिया है।-अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी