सहारनपुर। महापौर डॉ. अजय कुमार ने कहा है कि विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लिए विकसित सहारनपुर बनाएं और उस संकल्पना को पूरा करने के लिए सकारात्मक सोच के साथ एकजुट होकर स्वदेशी और स्वालंबन के लिए काम करें। सहारनपुर को विकसित महानगर बनाने के लिए सुझाव मांगे गए।
समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्यों, पार्षदों को बुलाकर उनसे सुझाव लिए गए। महापौर ने महानगर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को अपनाते हुए प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने और पानी को बचाने के लिए गंभीरता से काम करने की अपील की। पद्मश्री सेठपाल ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए प्लास्टिक और कूडे़ के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ने पर जोर देते हुए पानी का दोहन रोकने का सुझाव दिया। सुधाकर अग्रवाल ने महानगर में जड़ी बूटियों पर आधारित 300 यूनिट्स का उल्लेख करते हुए उन्हें सब्सिडी और कार्यशालाएं आयोजित कर प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया।
साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र आज़म ने महानगर में एक भाषा भवन बनवाने तथा काव्य गोष्ठियों, पुस्तकों के लोकार्पण व नाट्य गतिविधियों के लिए सभागार बनवाने का सुझाव दिया। उपसभापति मयंक गर्ग ने पांवधोई नदी को स्वच्छ कर उसका सौंदर्यीकरण कराने का सुझाव दिया। सुभाष चंद ने वार्डो में कार्याे के मेंटीनेंस पर ध्यान देने, मंसूर बदर ने ई-रिक्शाओं के रूट निर्धारित करते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने का सुझाव दिया।