सहारनपुर। थाना कुतुबशेर की लेबर कॉलोनी में पांच दिन पूर्व मकान की खिड़की बंद करने के विवाद को लेकर घर में घुसकर परिवार पर जानलेवा हमला करने के आरोपियों की गिरफ्तारी न करने पर एसएसपी ने उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया।
लेबर कॉलोनी में यतेंद्रपाल सिंह के मकान की खिड़की को बंद करने के विवाद में 23 फरवरी को पड़ोसी अमित सैनी से उनका झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें तब लोगों ने समझौता करा दिया था। आरोप है कि उसी रात अमित सैनी और उसके पक्ष के लोगों ने यतेंद्रपाल सिंह के घर में घुसकर उसकी पत्नी नीलम पंवार और बेटे अर्जुन पंवार को बुरी तरह पीटा था। थाना कुतुबशेर में पीड़ित पक्ष की ओर से जानलेवा हमले की रिपोर्ट आरोपी अमित सैनी, अरविंद सैनी, समय सिंह व आजाद सिंह के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। इसकी जांच चौकी इंचार्ज एसआई कामरान त्यागी कर रहे थे। एसएसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर उपनिरीक्षक कामरान त्यागी को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही थाना प्रभारी को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
आरोपियों को पकड़ने की मांग
सहारनपुर। इस मामले में जाट समाज एवं सर्वदलीय संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने एसएसपी से मिलकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। आरोप है कि लगाया कि आरोपी एक पूर्व मंत्री के करीबी हैं। आरोपियों को पूर्व मंत्री का संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने आरोपियों के लाइसेंसी हथियारों लाइसेंस निरस्त करने की मांग की। इस दौरान रालोद नेता चौधरी नीरपाल सिंह, सुरेश चौधरी, मुकेश चौधरी, डॉ. अशोक मलिक, राजीव चौहान, सतेंद्र सोलंकी, अरविंद मलिक, सुशील चौधरी, रामकुमार धीमान मौजूद रहे।
नरेश को मिला कोतवाली नकुड़ का चार्ज
सहारनपुर। एसएसपी आकाश तोमर ने कोतवाली नकुड़ के इंस्पेक्टर उमेश रोरिया का पुलिस लाइन में स्थानांतरण कर दिया। उनकी जगह अपराध शाखा से नरेेश को कोतवाली नकुड़ की कमान सौंपी गई। एसएसपी ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से उमेश रोरिया का पुलिस लाइन स्थानांतरण किया गया है।