सहारनपुर। स्नातकोत्तर खासकर एमए के विषयों से अभ्यर्थियों का मोह भंग हो रहा है। नतीजा यह है कि महाविद्यालयों में दाखिले बंद होने के बाद बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। कुछ विषय ऐसे हैं, जिनमें गिने-चुने ही दाखिले हो सके हैं।
जेवी जैन कॉलेज में अंग्रेजी, हिन्दी, समाजशास्त्र, संस्कृत, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र विषयों में एमए होता है। एमए में यहां कुल 560 सीटें हैं। बीते दिनों हुए दाखिलों की तिथि बार-बार बढ़ने के बाद भी 225 से अधिक सीटें खाली रह गई हैं, जबकि दाखिले पूरी तरह बंद हो गए हैं। प्राचार्य डॉ. वकुल बंसल ने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर से दाखिले बंद कर दिए गए हैं। जो सीटें खाली हैं अब वह खाली ही रहेंगी। उन्होंने बताया कि उनके यहां एमएससी और एमकॉम की सीटें भर चुकी हैं, केवल एमए की सीटें खाली हैं। उधर, महाराज सिंह कॉलेज में भी एमए में सीटें खाली हैं। एमए अंग्रेजी में 10, एमए राजनीति शास्त्र में नौ सीटें रिक्त हैं। इसी तरह अन्य विषयों में भी सीटें खाली हैं।
यह मानी जा रही हैं वजह
करीब छह वर्ष पहले पीजी की कक्षाओं के पठन-पाठन और परीक्षाओं का तरीका बदला है। अब आंतरिक और वाह्य दोनों तरह की परीक्षाएं होने लगी हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए उपस्थिति बड़े मायने रखती है। यह भी एक वजह हो सकती है कि अब लोग नियमित रूप से कॉलेज आने से बचने के लिए दाखिला नहीं ले रहे हैं। छह साल से दाखिलों में कमी आ रही है। इसके अलावा युवा व्यवसायिक पाठ्यक्रमों या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर अधिक फोकस कर रहे हैं।