संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मियों का आंदोलन तेज हो गया है। एनएचएम से जुड़े डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट गहरा गया। इलाज के लिए मरीज दर-दर भटक रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने 500 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर हड़ताल खत्म करने के लिए कहा है।
समान कार्य समान वेतन और नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मियों की हड़ताल जारी है। संविदाकर्मियों ने आठ, नौ और दस अक्तूबर को सीएमओ कार्यालय पर इकट्ठा होकर धरना-प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष किशोर सैनी ने बताया कि अब लखनऊ में जिले से बड़ी संख्या में संविदाकर्मी गए हैं। एनएचएम के तहत डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारी अपने-अपने केंद्रों पर कार्य नहीं कर रहे हैं। उनकी हड़ताल से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ताले लटके हुए हैं। कई केंद्र ऐसे हैं, जहां पर केवल एनएचएम का ही स्टाफ तैनात है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई है। केंद्रों पर ताले देखकर मरीज जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने 500 को नोटिस जारी कर दिए हैं। इनमें आरबीएसके के डॉक्टर, सीएचओ, एएनएम, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
सरसावा सीएचसी में धरने पर बैठे संविदाकर्मी। संवाद
सरसावा सीएचसी में धरने पर बैठे संविदाकर्मी। संवाद