सहारनपुर। कुत्तों के काटने के लगातार मामले सामने आने के बाद नगर निगम की तरफ से भी खाका तैयार किया गया है। महानगर को रेबीज फ्री बनाने के लिए नगर निगम लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन कराएगा। वैक्सीनेशन की योजना तैयार की जा चुकी है। नगर निगम की मंशा सहारनपुर को प्रदेश का पहला रेबीज फ्री महानगर बनाने की है।
पोलियो की तरह भारत सरकार ने 2030 तक देश को रेबीज फ्री बनाने का लक्ष्य रखा है। भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही नगर निगम यह कदम उठा रहा है। प्रदेश में अभी तक आगरा नगर निगम ने इसकी शुरुआत की है। चूंकि सहारनपुर नगर निगम आगरा नगर निगम से छोटा है।
ऐसे में माना जा रहा है कि सहारनपुर नगर निगम आगरा से पहले रेबीज फ्री हो जाएगा। नगर निगम जल्द ही इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने वाला है। सितंबर 2025 से वैक्सीनेशन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद नागरिकों को रेबीज के खतरे से काफी हद तक राहत मिलेगी, क्योंकि लावारिस कुत्तों के हमले की घटनाएं लगातार हो रही हैं।
जनपद में प्रतिदिन करीब 200 और महानगर में 50 से अधिक घटनाएं होती हैं। इसका प्रमाण जिला अस्पताल और सीएचसी व पीएचसी पर प्रतिदिन की एंटी रेबीज इंजेक्शन की खपत है। कुत्ते के काटने को यदि गंभीरता से नहीं लिया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम तेजी से सक्रिय हुआ है।
महानगर में करीब 40 हजार लावारिस कुत्ते
एक अनुमान के अनुसार महानगर में करीब 40 हजार लावारिस कुत्ते हैं। 100 नागरिकों पर तीन से चार कुत्ते होना माना जाता है। चूंकि महानगर की आबादी दस लाख से अधिक है। ऐसे में यहां की कुत्तों की संख्या करीब 40 हजार मानी गई है। यानी नगर निगम अभियान चलाकर 40 हजार लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन कराएगा।
तीन साल तक रहता है वैक्सीन का असर
कुत्तों को लगने वाली वैक्सीन का असर तीन साल तक रहता है। यानी नगर निगम 40 हजार कुत्तों को हर तीन साल में वैक्सीन लगवाएगा, जिससे कि उनके काटने से नागरिकों में रेबीज न फैले। कुत्तों के साथ ही बिल्लियों में भी यही वैक्सीन लगाई जाती है।
केंद्र सरकार ने देश को 2030 तक रेबीज फ्री करने का निर्णय लिया है। सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही नगर निगम कार्य कर रहा है। महापौर और नगर आयुक्त इसे लेकर गंभीर हैं। टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद सितंबर तक वैक्सीनेशन शुरू करने की योजना है। - डाॅ. संदीप कुमार मिश्रा, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम।