सहारनपुर। स्थानीय निर्वाचन कार्यालय ने राजनीतिक दलों के बीएलए(बूथ लेवल एजेंट) को अनुपस्थित, मृतक एवं डिप्लीकेट(एएसडी) वोटर की लिस्ट सौंपी है। अब बीएलओ के साथ मिलकर वोटरों का फिर से सत्यापन किया जाएगा। जिले में 4.38 लाख गणना फार्म अभी तक एकत्रित नहीं हुए हैं।
जिले में चार नवंबर से लोकसभा और विधानसभा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) अभियान चल रहा है। अभियान की तिथि चुनाव आयोग की ओर से दो बार बढ़ाई गई है। अब 26 दिसंबर तक गणना प्रपत्रों को भरकर उन्हें डिजिटाइज किया जा सकता है।
जिले की सातों विधानसभा में कुल 26.42 लाख मतदाता है। इनमें से 99 फीसदी से अधिक को गणना प्रपत्र किए गए हैं। रविवार की दोपहर तक 22,04,280 गणना प्रपत्र डिजिटाइज हुए हैं। अभियान के दौरान 74,650 मतदाता मृतक मिले हैं। अनुपस्थित मतदाताओं की संख्या 94,510 है।
स्थानांतरित मतदाता 2,05,756 पाए गए हैं। जिले में करीब 17 फीसदी गणना फार्मों का डिजिटाइजेशन नहीं हो सका है। ऐसे में जिला प्रशासन ने एक बार से फिर से बीएलओ को सत्यापन के निर्देश दिए है। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
इस कार्य में तेजी लाने के लिए राजनीतिक दलों के बीएलए की भी मदद ली जा रही है। उनके साथ निर्वाचन कार्यालय ने एएसडी(अनुपस्थित, मृतक और शिफ्टिड) मतदाताओं की सूची सौंपी गई है।
केवल भाजपा के सभी बूथों पर बीएलए
निर्वाचन कार्यालय ने सभी राजनीतिक दलों को सभी बूथों पर अपने-अपने बीएलए नियुक्त करने का अनुरोध किया था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर किसी भी दल ने सभी विधानसभाओं के बूथों पर बीएलए की नियुक्त नहीं की हैं। समाजवादी पार्टी के नकुड़ और गंगोह विधानसभा में बीएलए नियुक्त नहीं हुए हैं। इसी तरह बहुजन समाजपार्टी ने नगर सीट पर बीएलए नियुक्त नहीं किए हैं। कांग्रेस ने नगर और देहात सीट पर ही बीएलओ को नियुक्त किया है।
एसआईआर अभियान के तहत एएसडी सूची सभी राजनीतिक दलों के बीएलए को उपलब्ध कराई गई है। जिन बूथों पर बीएलए नियुक्त नहीं है, वहां पर राजनीतिक दल के प्राधिकृत व्यक्ति को सूची उपलब्ध कराई जा रही है। सभी मतदाता अपने गणना प्रपत्रों को भरकर बीएलओ को निर्धारित समय से पहले जमा करा दें। - संतोष बहादुर सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी।