इसके अलावा दीवानी कचहरी के बाहर लगे साइन बोर्ड से पहले निगम का यूनिपोल लगा है, जिसकी वजह से 100 मीटर दूर से भी साइन बोर्ड नजर नहीं आता है। उत्तर दिशा में यही साइन बोर्ड पर यूके लिप्टिस की शाखाएं लटकी हुई हैं, जिनकी वजह से भी बोर्ड को पढ़ा नहीं जा सकता है।
नगर निगम जिम्मेदार
शहर में केवल साइन बोर्ड ही नहीं, बल्कि जितने भी अवैध होर्डिंग, फ्लैक्स या अन्य प्रचार सामग्री लगी हैं। उसे उतारने की जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी की वजह से लोगों ने साइन बोर्ड तक ढक लिए हैं।
अवैध होर्डिंग या फ्लैक्स आदि को उतारने के लिए हर माह दो दिन का अभियान चलाया जाता है। साइन बोर्डों से भी प्रचार सामग्री हटाई जाती है। जल्द ही बड़ा अभियान चलाकर अवैध रूप से लगी प्रचार सामग्री खासकर साइन बोर्डों के गलत इस्तेमाल को रोका जाएगा। -दिनेश यादव, उप नगरायुक्त।
साइन बोर्ड प्राधिकरण द्वारा लगाए गए हैं, जिनको नगर निगम को हैंडओवर किया जाता है। यदि साइन बोर्ड अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुए हैं तो हम खुद साइन बोर्ड पर लगी प्रचार सामग्री को हटवाएंगे। यदि हैंडओवर हो गए हैं तो नगर निगम की जिम्मेदारी रहेगी। -आशीष कुमार, उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण।