सहारनपुर। गागलहेड़ी में हादसे के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर करीब साढ़े तीन घंटे तक जाम लगा रहा। इसमें बीमार, राज्यसभा सांसद से लेकर गाजियाबाद के कमिश्नर तक की गाड़ी फंसी रही। हूटर बजाने पर भीड़ गाड़ियों की तरफ दौड़ी। भीड़ के पहुंचने से पहले ही दोनों गाड़ियों को पुलिस ने वापस भेज दिया। लोगों ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए गांवों के रास्तों का सहारा लिया।
गागलहेड़ी में गांव सोना सैयद माजरा के पास बजरी से भरा डंपर कार पर पलट गया था। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने टोल प्लाजा पर पहुंचे। यहां टोल प्लाजा से पहले सहारनपुर की तरफ एनएचएआई की हाइड्रा और अन्य वाहनों को खड़ा कर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर करीब साढ़े 10 बजे जाम लगा दिया। इसके बाद नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की करीब पांच किलोमीटर तक कतार लग गई। इसमें देहरादून की ओर से आ रहे राज्यसभा सांसद और गाजियाबाद के कमिश्नर की गाड़ी तक फंस गई।
रोडवेज बसों और अन्य वाहनों में सवार यात्री परेशान हो गए। वाहनों से उतरकर यात्री हाईवे किनारे खड़े हो गए। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हुई। करीब दो बजे पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया और जाम खुलवाया। पुलिसकर्मियों ने भी वाहनों को धक्का लगाकर एक्सप्रेसवे से हटवाया।
-
कोई पैदल किसी ने लिया टेंपो का सहारा
टोल प्लाजा पर एक के बाद एक वाहन रुकते चले गए। वाहनों में सवार यात्रियों ने एक घंटे इंतजार किया, लेकिन जब दो घंटे से अधिक हो गए सवारी वाहनों से उतरकर पैदल ही चल दी। सवारी पैदल चलकर जाम से आगे सहारनपुर की तरफ आई। इसके बाद कुछ दूर चलकर टेंपो से शहर तक पहुंची। इसके अलावा जाम में शादी की गाड़ियां भी फंसी रही। कई वाहन चालकों ने खेतों और कच्चे रास्तों से निकलते नजर आए।
बदले रूट से संचालित हुई रोडवेज बसें
जाम का असर परिवहन सेवाओं पर भी दिखा। परिवहन निगम की बसों ने जाम में फंसने से बचने के लिए अपना रूट बदलना पड़ा। उत्तराखंड के भगवानपुर से गागलहेड़ी होते हुए आगे की ओर निकलना पड़ा। जाम की वजह से रोडवेज बसों को लंबी दूरी तय करनी पड़ी।
-
एंबुलेंस और सेना के वाहनों के लिए खोला रास्ता
जाम के दौरान कई एंबुलेंस भी वहां से गुजरी। भीड़ ने मानवता दिखाते हुए सभी एंबुलेंस को रास्ता दिया। इसके अलावा सेना के भी कई वाहन जाम में फंसे देखकर उन्हें निकलवाया गया। हालांकि इनके अलावा किसी वाहन को नहीं जाने दिया गया।