आरएसएस प्रमुख के आने का समय 11 बजे का था, लेकिन वह करीब साढ़े 10 बजे पहुंच गए थे। उन्होंने पहले भूमि पूजन किया और फिर 10:55 पर मंच पर पहुंचे। उन्होंने अपना संबोधन 12.15 पर शुरू किया और 12:41 खत्म कर मंच से नीचे उतर गए।
मैं संतों का कभी अनादर नहीं करता
भूमि पूजन कार्यक्रम के निमंत्रण पर कहा कि मैं कभी संतों का अनादर नहीं करता। मैं खुद को भाग्यवान मानता हूं कि मुझे बुलाया जाता है। अगर समय की व्यस्तता के कारण नहीं जा पाता तो मैं खुद का नसीब खोटा समझता हूं। मैं रोज पूजा नहीं करता। फिर भी लोग मुझे संत कहकर बुलाते हैं। संतों को मुझे बुलाने से कुछ मिले या न मिले, लेकिन मुझे धर्म लाभ जरूर मिलता है।
धर्म के मार्ग को अपनाएं, गीता भी देती है यही संदेश
महाराष्ट्र से आए हंसराज बाबा ने कहा कि बड़ा ही सौभाग्य का दिन हैं, जब श्री कृष्ण ज्ञान मंदिर का भूमि पूजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म के मार्ग को अपनाएं। गीता भी यही संदेश देती है। महाराष्ट्र से आए विजय राज बाबा ने कहा कि प्रभु श्री कृष्ण की शरण में जाने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कान्हे राज बाबा ने कहा कि श्री कृष्ण ज्ञान मंदिर का शिलान्यास कार्यक्रम ऐतिहासिक दिन है। इनके अलावा गोपीराज बाबा, विध्वंस, शंकराचार्य आश्रम प्रभारी सिद्ध भैरव तंत्राचार्य सहजानंद महाराज, महराष्ट्र से हंसराज बाबा, चिरड़े बाबा ने भी विचार रखे। इस दौरान मंच पर आयोजक अनूप मुनि महानुभाव, अंतरराष्ट्रीय ध्यान योग गुरु दीपांकर महाराज, नोएडा से आईं तपस्वी आऊसा बाईजी, दिल्ली से आईं रेनाइसा बाईजी, तपस्वी पूनम बाईजी मौजूद रहे। बता दें, कि इस मंदिर निर्माण के लिए नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी ने जमीन दिलाई थी। इसके लिए सभी संतों ने उनका आभार जताया।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, महापौर अजय कुमार, विधायक देवेंद्र निम, विधायक राजीव गुंबर, विधायक कीरत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, पूर्व विधायक जगपाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी, भाजपा महानगर अध्यक्ष पुनीत त्यागी के अलावा स्थानीय विप्र परिवार से जुड़े प्रगीत कौशिक, पंडित योगेश दीक्षित, पंडित योगेश गोनियाल, पंडित अरूण, पंडित विद्या सागर चूड़ामणी, पंडित दीपक अग्निहोत्री मौजूद रहे।