वेस्ट यूपी की राजनीति में कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी यशपाल सिंह के निधन के बाद पहली बार झाड़वन में आयोजित किए गए सम्मेलन में उमड़े समर्थकों की मौजूदगी में चौधरी परिवार ने फिर से सियासी दमखम दिखाया। 36 बिरादरियों से पहुंचे समर्थकों के साथ कार्यकर्ताओं ने पगड़ी पहनाकर बड़े बेटे चौधरी रुद्रसैन को इस विरासत की जिम्मेदारी सौंपी।
सम्मेलन में रुद्रसैन ने सपा सरकार की उपलब्धियों का बखान किया और कहा कि सपा सरकार ने अपने वादे पूरे कर दिए हैं। फार्म हाउस पर सम्मेलन में सपा के गंगोह विधानसभा प्रभारी रूद्रसैन ने कहा कि उनके समर्थक ही उनकी ताकत है।
चौधरी यशपाल के निधन के समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं की गैरमौजूदगी पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के बावजूद उनके पिता चौधरी यशपाल सिंह की श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री अथवा उनके परिवार के किसी नेता के न आने से समर्थकों में रोष है।
चौधरी इंद्रसैन ने कहा कि वह हमेशा समर्थकों के फैसले का सम्मान करते आए हैं। आगे भी कार्यकर्ता जो फैसला लेंगे उसका सम्मान किया जाएगा।
सम्मेलन में 36 बिरादरियों के प्रतिनिधियों ने रुद्रसैन को पगड़ी पहनाई। ब्राहमण और जाट समाज की और से भी शाल भेंट की गई। अलहिंद पठान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशात खान और महासचिव नवाजिश खान ने तलवार और चादर भेंट कर समर्थन दिया।
शिवकुमार, धनराज सैनी, मांगेराम प्रधान, नफीस राणा, प्रधान हरिसिंह, महिपाल सिंह, बशीर जमाल, मुनेश प्रधान जेहरा, पूर्व चेयरमैन तैमूर खान, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ऋषिपाल, जिपं सदस्य प्रतिनिधि अरविंद चौधरी, राजीव प्रधान बीनपुर, पूर्व प्रमुख दिनेश चौधरी, सलेखचंद, बिटटू रादौर, अतुल फंदपुरी, कल्याण दत्त शर्मा, प्रवीण बांदुखेडी, राकेश गुर्जर बिलासपुर रहे। अध्यक्षता हाजी वकील माजरी, संचालन विक्रम चौधरी ने किया।