देश में उठ रहे देश विरोधी स्वर के बीच युवा चेतना समिति कार्यकर्ताओं ने सरसावा से सहारनपुर तक तिरंगा झंडा यात्रा निकाली। बाइक पर सवार होकर हाथों में तिरंगा थाने युवक भारत माता के जयकारे लगाने के साथ ही ओवैसी और जेएनयू के छात्र संघ अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी भी की।
तिरंगा यात्रा के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संयोजक जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ समय से अकबरुद्दीन ओवैसी और जेएनयू के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया देश विरोधी बयानबाजी कर माहौल को खराब कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। अन्यथा की स्थिति में ऐसे लोगों को खुद ही सबक सिखाने की चेतावनी दी।
सरसावा ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार देशद्रोहियों का समर्थन करने वाले नेताओं और आम लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की। कहा कि देश से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता, जो व्यक्ति देश के खिलाफ बात करता हो उसे देश में रहने का अधिकार नहीं है।
विकास राणा और मनीष ने कहा कि अकबरुद्दीन ओवैसी को भारत माता की जय बोलने में शर्म आती है। ऐसे में उन्हें संसद और देश में बने रहने की जरूरत क्या है। विकास, विक्रांत, चीनू, राज, अमित, सन्नी, मनीष, आशु रहे।
बोलनी होगी भारत माता की जय
बेहट। गांव कासमपुर में क्षत्रिय समाज महासभा की बैठक हुई। इसमें जिला अध्यक्ष ठाकुर किरणपाल राणा ने कहा कि राजनीति स्वार्थ के लिए देश को तोड़ने वाले भाषण बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। देश में रहने वाले हर नागरिक को भारत माता की जय बोलना ही होगा। जो भारत माता की जय नहीं बोल सकता, उसे देश को छोड़ देना चाहिए।
कट्टरपंथी विचारधारा के लोग इस देेश के सबसे बडे़ दुशमन है। यहां के नेताओं को देश के विकास से कोई लेना देना नहीं है, सभी राजनीतिक स्वार्थ की रोटियां सेक रहे है। न किसी का ध्यान किसान की तरफ है और ना ही गरीब मजदूर तबके की।
बेबस और लाचार किसान आत्महत्या कर रहें है। उन्होंने कहा कि देश को तोड़ने वालों को सर्व धर्म के लोगों को मिलकर सबक सिखाना होगा। प्रमोद राणा, दीपक राणा, कुलदीप, अनिल राणा, पाल्लू राणा रहे।