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स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम को झटका, 64वीं रैंक मिली

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सहारनपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में सहारनपुर नगर निगम को इस बार झटका लगा है। बीते वर्ष जहां राष्ट्रीय स्तर पर 49वीं रैंक मिली थी। वहीं इस बार नगर निगम फिसल कर 64वें स्थान पर चला गया है। हालांकि प्रदेश में पांचवां स्थान मिला है। बीते वर्ष भी प्रदेश में सहारनपुर का स्थान पांचवां ही था।
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स्वच्छता सर्वेक्षण में सहारनपुर एक से दस लाख की आबादी वाले शहरों में शामिल रहा। इस वर्ग में देश भर के कुल 372 शहरों को शामिल किया था। इनमें सहारनपुर नगर निगम का स्थान 64वां रहा है। बीते वर्ष की बात करें तो 2020 में सहारनपुर को 49वां स्थान मिला था। नगर निगम ने इस बार टॉप -10 में आने का लक्ष्य रखा था, लेकिन लक्ष्य के मुताबिक नगर निगम काम नहीं कर सका, इस कारण रैंक में सुधार आने की बजाय गिरावट आई। हालांकि प्रदेश में सहारनपुर नगर निगम को पांचवां स्थान मिला है। बीते वर्ष भी प्रदेश में पांचवां ही स्थान मिला था।
सर्वेक्षण में सहारनपुर की पांच साल की स्थिति
नगर निगम सहारनपुर स्वच्छ सर्वेक्षण में लगातार पांच साल से प्रतिभागी बन रहा है। वर्ष 2017 में नगर निगम सहारनपुर 245वें स्थान पर रहा था। 2018 में रैंक में सुधार की बजाय गिरावट आई थी और सहारनपुर को 378वीं रैंक मिली थी। वर्ष 2019 में सहारनपुर ने सुधार कर 92वीं रैंक हासिल की थी। बीते वर्ष 2020 में नगर निगम सहारनपुर ने और बेहतर मेहनत कर 49वां स्थान प्राप्त किया था, इससे नगर निगम के अधिकारी उत्साहित थे। इस बार टॉप -10 में आने का लक्ष्य रखा था, लेकिन रैंक सुधरने की बजाय गिरकर 64वें स्थान पर पहुंच गई, इससे निगम के अधिकारी मायूस हैं।
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यह है निगम की सफाई व्यवस्था
शहर में 10 एमआरएफ सेंटर।
डोर टू डोर कचरा लेने की व्यवस्था।
कुल वाहन करीब 80
कचरा भरने के लिए जेसीबी 05 जेसीबी
कचरा उठान के लिए ट्रक 13
रोबोट मशीन 02
टेंपो, छोटा हाथी आदि करीब 55
करीब दो हजार सफाई कर्मचारी।
यह रही सबसे बड़ी कमी
नगर निगम ने कचरा निस्तारण के लिए बेहट रोड पर दो साल से जमीन खरीदी हुई है। मगर अभी तक वहां कचरा निस्तारण की व्यवस्था नगर निगम नहीं कर सका है। हालांकि बीच-बीच में शहरवासियों को कचरे से बिजली बनाने जैसे सपने दिखाए जाते रहे हैं, जबकि हकीकत इससे उलट रही है। नगर निगम अब भी कचरे को शहर के बाहरी इलाकों में डाल रहा है।
सफाई पर हर माह करीब 2.30 करोड़ खर्च
नगर निगम के पास स्वच्छता के लिए अधिकारी के साथ ही सफाई निरीक्षकों की टीम, दो हजार से अधिक सफाई कर्मचारी और कचरा उठान के लिए करीब 80 वाहन हैं। 70 वार्डों में सफाई व्यवस्था बनाने के लिए नगर निगम के पास करीब दो हजार सफाई कर्मचारी हैं। इनमें करीब 450 सफाई कर्मचारी स्थायी हैं, जबकि शेष सफाई कर्मचार ठेके पर कार्य कर रहे हैं। सफाई कर्मियों के वेतन पर प्रतिमाह करीब दो करोड़ 12 लाख रुपये खर्च होते हैं। शेष करीब 20 लाख रुपया वाहनों में डीजल पर खर्च होता है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में सहारनपुर नगर निगम को 64वीं रैंक मिली है। डंपिंग ग्राउंट तैयार नहीं हो पाने की वजह से हम थोड़ा पिछड़े हैं। जो भी कमियां रही हैं उनको चिह्नित कर जल्द दूर किया जाएगा। प्रयास यही रहेगा कि अगले वर्ष नगर निगम की रैंक में सुधार हो। - ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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