सहारनपुर। अयोध्या मामले पर किसी भी दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है। जिसको लेकर सहारनपुर परिक्षेत्र में पुलिस ने अलर्ट जारी कर दिया है। तीनों जिलों को सुपर जोन, जोन, सेक्टर, सब सेक्टरों में बांटा जा रहा है। संवेदनशील इलाकों की ड्रोन से निगरानी होगी। आईटीबीपी भी सहारनपुर में आ चुकी है। बलवा ड्रिल का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
अयोध्या मुद्दे पर आने वाले निर्णय को लेकर सहारनपुर परिक्षेत्र के तीनों जिलों सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। तीनों जिलों को जोन एवं सेक्टर में बांटा जा रहा है। मुजफ्फरनगर में चार सुपर जोन, आठ जोन, 20 सेक्टर एवं 67 सब सेक्टर बनाए गए हैं। शामली में तीन जोन एवं 57 सेक्टर बनाए गए हैं। सहारनपुर को भी सुपर जोन, जोन, सेक्टर एवं सब सेक्टर में बांटा जा रहा है। सुपर जोन, जोन, सेक्टर एवं सब सेक्टर के लिए मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं। सहारनपुर में आईटीबीपी की एक कंपनी फोर्स भी आ चुकी है। संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी पर नजर रखने के लिए ड्रेेन कैमरों का प्रयोग किया जाएगा और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जाएगी। तीनों जिलों में एसएसपी और डीएम स्तर से शांति समिति की बैठकें की जा रहीं हैं। पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल कराई जा रही है। पुलिस उप महानिरीक्षक उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि तीनों जिलों में पूरी तरह से अलर्ट किया गया है। जोन, सेक्टर बना दिए गए हैं। बैठकें की जा रहीं हैं। ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं, जिससे संवेदनशील इलाकों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
पुलिस के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी लगाए गए
तीनों जिलों में पुलिस के अलावा शांति व्यवस्था पर नजर रखने के लिए शिक्षा, राजस्व, चिकित्सा विभाग, विद्युत निगम, नगर निकाय, गन्ना एवं सहकारी समितियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लगाया गया है। जिनमें सहारनपुर के 621 अधिकारी, मुजफ्फरनगर के 759 तथा शामली के 291 अधिकारी लगाए गए हैं।
संदिग्ध 971 लोगों को किया गया चिह्नित
पुलिस ने तीनों जिलों में 971 संदिग्धों को चिह्नित किया है। जिनमें सहारनपुर के 438, मुजफ्फरनगर के 381 और शामली के 152 लोग शामिल हैं। इनमें से 457 लोगों पर मुचलका पाबंद की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 70 पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई है। जिनमें 44 सहारनपुर के और 26 मुजफ्फरनगर के लोग शामिल हैं।
जनता को संबोधित करने के लिए लगाए गए 73 सिस्टम
डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि थाने एवं प्रमुख स्थानों पर जनता से संवाद के लिए तीनों जिलों में 73 सिस्टम लगाए गए हैं। जिनमें 14 सहारनपुर में, 49 मुजफ्फरनगर में और 10 शामली में लगाए गए हैं। जिनसे लोगों को संबोधित किया जा सके।
सहारनपुर में एम फोर, मुजफ्फरनगर, शामली में संवेदनशील स्थान चिह्नित
धार्मिक स्थानों पर कड़ी सुरक्षा के लिए प्लान तैयार किया गया है। सहारनपुर में एम फोर प्लान बनाया गया है जिसमें मंदिर, मस्जिद, मजार और मूर्ति हैं। सहारनपुर में कुल 4759 स्थान चिह्नित किए गए हैं। जिनके लिए 3905 समितियों का गठन किया गया है और 21128 सदस्य बनाए गए हैं। मुजफ्फरनगर में संवेदनशील 441 मंदिर एवं 417 मस्जिदें, शामली में 96 मंदिर और 145 मस्जिदों को चिह्नित किया गया है।
थाने में ही रहेगी पूरी फोर्स
तीनों जिलों के थाने में ही सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को रहने के निर्देश दिए गए हैं। चाहे अवकाश हो, किसी को थाने से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। चौकीदारों की ड्यूटियां मंदिरों और मस्जिदों पर लगाई गईं हैं।
सुरक्षा समिति के सदस्यों को दिए जाएंगे पहचान चिह्न
डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सुरक्षा समिति के सदस्यों की पहचान के लिए सुरक्षा समितियों को पहचान चिह्न दिए जाएंगे। जिससे उनकी पहचान हो सके, साथ ही प्रभावशाली लोगों के शांति की अपील करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाएंगे।
व्हाट्सएप ग्रुप की सूची तैयार की जाएगी
डीआईजी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी। तीनों जिलों के न्यूज ग्रुपों की सूची तैयार कराई जा रही है। जो न्यूज चलाई जाएंगी, उनकी निगरानी रखी जाएगी। सभी ग्रुपों के एडमिन नंबर लिए जा रहे हैं। सभी न्यूज ग्रुपों में कोई संवेदनशील एवं आपत्तिजनक पोस्ट न डाले जाने के निर्देश दिए जाएंगे।