सहारनपुर। वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण के आम बजट भाषण सबसे लंबा रहा। देश के किसानों सहित मध्यम वर्ग को छूने की कोशिश की। किसानों के लिए पावर प्वाइंट बनाकर सहयोग की बात कही गई। बहुत सारी योजनाओं का पिटारा खोला, लेकिन रेलवे की बात करें तो रेलवे की भूमि के सदुपयोग की बात तो हुई लेकिन नई रेल की सौगात का कोई एलान नहीं हुआ। इससे सहारनपुर की जनता कुछ निराश है।
वित्त मंत्री ने संसद में बजट भाषण पेश किया। हर वर्ग और हर सेक्टर को छूने की कोशिश की। कुछ सालों से रेल बजट का प्राविधान खत्म कर दिया। आम बजट में ही रेलवे का उल्लेख किया जाता है। राहत की बात ये रही कि रेलवे ने किराया नहीं बढ़ाया, लेकिन 150 रेल गाड़ियों को पीपीपी मोड़ पर चलाने के एलान को वर्तमान और पूर्व रेलकर्मी इसे निजीकरण की ओर ले जाने की कोशिश बता रहे हैं। वैसे भी तेजस नाम से चलने वाली रेल गाड़ी कॉरपोरेट के तहत ही चलाई जा रही है। हालांकि रेल कर्मी ये भी कहते हैं कि यह खुश होने की बड़ी वजह नहीं है कि रेलवे का किराया नहीं बढ़ा। अब तो सरकार कभी भी किराया बढ़ा देती है।
रेल कर्मियों ने कहा रेलवे की कब्जे वाली भूमि या बेकार पड़ी भूमि पर सोलर प्लांट लगाना उचित कदम है, सहारनपुर के परिपेक्ष्य में देखते तो सहारनपुर से मुंबई, गोवा जैसे शहरों के लिए राजधानी एक्सप्रेस सरीखे कोई रेलगाड़ी नहीं है। मुंबई और गोवा जाने वालों को दिल्ली से रेलगाड़ी पकड़नी पड़ती है, जबकि अंबाला मंडल का यह अहम रेलवे स्टेशन है। रेलवे पेंशनर्स समाज के संस्थापक आरसी शर्मा ने साफ कहा कि रेलवे तेजी से निजीकरण की ओर बढ़ रहा है। यह कदम मजदूर की वित्त एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए घातक है। मूल चंद और देवेंद्र कुमार ने कहा सहारनपुर से कई अहम रेल गाड़ियों के संचालन की जरूरत है, लेकिन इस ओर कोई गौर नहीं किया गया।
नौ बजे से दोपहर बाद चार के बीच दिल्ली के लिए कोई फास्ट ट्रेन नहीं
सहारनपुर से दिल्ली के लिए सुबह नौ बजे के बाद कोई एक्सप्रेस रेलगाड़ी दिल्ली के लिए नहीं है। इसलिए सहारनपुर से दस से 11 बजे के बीच एक एक्सप्रेस रेल गाड़ी जरूर संचालित की जानी चाहिए। अलीगढ़ जाने वाले यात्रियों को मेरठ से संगम एक्सप्रेस पकड़नी पड़ती है, इसलिए इस रूट पर भी रेल गाड़ियों का संचालन किया जाना चाहिए।
ये है रेल यात्रियों से जुड़े लोगों की मांग
सहारनपुर-मुंबई-सहारनपुर (राजधानी की तरह)
सहारनपुर-शिरडी-सहारनपुर (राजधानी की तरह)
सहारनपुर-अलीगढ़-सहारनपुर
हरिद्वार-पुरी-हरिद्वार (वाया सहारनपुर चले)
सहारनपुर-बागपत-शामली रूट (ट्रेन फेरा बढ़ाया जाए)