पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने नगर निगम में जन समस्याओं के निस्तारण के नाम पर पैसा वसूलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा संजीव नामक व्यक्ति से दुकान हस्तांतरित कराने के नाम पर एक अधिकारी द्वारा पांच लाख रुपये की मांग की गई है। मामले में डीएम से शिकायत होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों पर ठेकेदारी में लिप्त होने का भी आरोप लगाया। पार्षद शहजाद मलिक ने कार्यकारिणी समिति की बैठक नौ माह बाद बुलाने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने सीएलसी के तैनात करने वाले कर्मचारियों की संख्या पर भी सवाल उठाया। नतीजा यह रहा कि पुनरीक्षित बजट पर चर्चा ही नहीं हो सकी। महापौर ने कार्यकारिणी की बैठक 26 नवंबर को पुन: करने की घोषणा की। इसमें आशुतोष सहगल, अभिषेक उर्फ टिकू अरोड़ा, कंचन धवन, भूरा सिंह प्रजापति, गुलशेर, शहजाद मलिक, नरेश रावत, रमेश छाबड़ा, मनोज जैन, गौरव चौधरी आदि मौजूद रहे।
नगरायुक्त के साथ मेरी कोई बहस नहीं हुई है। बैठकों में इस तरह की स्थिति कई बार बन जाती है जब जोर से बोलना पड़ता है। कुछ बातें उन्होंने कही और कुछ मैने बोली। बाद में स्थिति सामान्य हो गई। - संजीव वालिया, महापौर।