ये था मामला
27 जुलाई 2021 को असलमपुर बरथा के रणबीर सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी, कि बेहट तहसील के तीन गांवों की सार्वजनिक उपयोग की करीब 745.525 बीघा भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। इसमें गांव शेरपुर पेलो की 27.207 हेक्टेयर, रोशनपुर पेलो की 9.246 हेक्टेयर व अली अकबरपुर की 13.242 हेक्टेयर यानि कुल 49.695 हेक्टेयर (745.425 बीघा) भूमि शामिल है। एसडीएम बेहट को इसकी जांच सौंपी गई थी। जांच में स्पष्ट हुआ था, कि जिन 115 पट्टाधारकों को यह भूमि उपयोग के लिए आवंटित की गई थी, उन्होंने यह जमीन बेच दी है, जबकि उन्हें इसे बेचने का अधिकार नहीं था। इसके लिए उन्होंने जमीन को संक्रमणीय घोषित कराया था। जमीन का काफी हिस्सा अब्दुल वहीद एजुकेशन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट को बेचा गया था। भूमि की श्रेणी बदलने में कूटरचना करने वालों में तत्कालीन एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता, रजिस्ट्रार कानूगो जनेश्वर प्रसाद व पवन सिंह, राजस्व निरीक्षक बीरबल व मोहमद शोएब के नाम सामने आए थे, जिसके बाद ट्रस्टियों, पट्टाधारियों व तत्कालीन एसडीएम, राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
यह भी पढ़ें: कातिल सिपाही के खुल रहे बड़े राज: सरकारी पिस्टल के साथ ड्यूटी से था फरार, सामने आया पिता-पुत्र की हत्या का खौफनाक सच
जांच के उपरांत होगी बाकी की गिरफ्तारी
बेहट कोतवाली में दर्ज इस मुकदमे में शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मुकदमे में तत्कालीन एसडीएम और एमएलसी भी नामजद हैं। इसकी जांच के लिए एसपी देहात अतुल शर्मा के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया हुआ है। जांच के बाद आज दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी जांच कर रही है, जांच के उपरांत अन्य की गिरफ्तारी की जाएगी। - आकाश तोमर एसएसपी