उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कोतवाली देहात क्षेत्र के बरुकी पशु सेवा केंद्र में पशुधन प्रसार अधिकारी के पद पर कार्यरत डॉ. सुशील कुमार की गोली लगी हुई लाश उनके सरकारी आवास पर पड़ी हुई मिली। पशुधन प्रसार अधिकारी द्वारा आत्महत्या करने की आशंका जताई जा रही है।
सहारनपुर के पंजाबी कॉलोनी नुमाइश कैंप के रहने वाले डॉ. सुशील कुमार बरुकी में पशु सेवा केंद्र में नियुक्त थे। वह लगभग 3 वर्षों से बरुकी में तैनात थे। पहले वह बरूकी में कमरा लेकर रहते थे बाद में पशु सेवा केंद्र में ही सरकारी क्वार्टर में रहने लगे थे। उनके साथ जलालाबाद निवासी आकाश भी रहता था जो प्राइवेट तौर पर काम करता था।
आकाश ने बताया कि सुबह उठने के बाद उसने डॉ सुशील को चाय पिलाई। डॉ. सुशील ने बाइक ठीक कराने के लिए तथा कपड़ों पर ईस्त्री कराने के लिए आकाश को बरुकी बाजार में भेज दिया।
तकरीबन 8:30 बजे आकाश जब बाजार से लौटकर सरकारी क्वार्टर में पहुंचा तब उसने डॉक्टर सुशील की गोली लगी हुई लाश देखी। वह दौड़ कर बाहर आया और उसने इसकी सूचना वहां मौजूद ग्रामीणों को दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पशु सेवा केंद्र पर एकत्र हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की तथा परिजनों को घटना की सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दौरान एसपी ग्रामीण रामअर्ज, सीओ नगीना सुमित शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात हरीश चंद्र जोशी, चौकी इंचार्ज महेश मलिक मौजूद रहे।मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी फिंगरप्रिंट तथा नमूने लिए। पुलिस घटना की आत्महत्या तथा अन्य एंगल से भी जांच कर रही है।