गन्ना खरीद अधिनियम में शुगर मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने का प्रावधान है। ऐसा नहीं होने पर बकाया गन्ना मूल्य पर 15 फीसदी की दर से किसानों को ब्याज देने का नियम है। इसके बावजूद किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान ही मिल पता है और न ही बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज ही दिया जा रहा है। इसके चलते किसानों में रोष व्याप्त है।
गांव बुड्ढाखेड़ा गुर्जर के किसान कल्याण सिंह, गांव हलगोवा के आरिफ प्रधान आदि किसानों का कहना है कि सरकार को तय समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराना चाहिए। समय पर गन्ना मूल्य नहीं मिलने पर किसानों को अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उधार से लेकर कर्ज तक का सहारा लेना पड़ता है।
जनपद की दो चीनी मिलों पर गत सीजन का गन्ना मूल्य बकाया है। इनमें गांगनौली चीनी मिल पर 33.16 करोड़ और गागलहेड़ी चीनी मिल पर 42.02 करोड़ रुपये बकाया हैं। दोनों बकाएदार चीनी मिलों पर जल्द बकाया भुगतान करने के लिए दबाव बना रखा है।- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी