बरामद की गई बच्ची और परिजनों से बात करती पुलिस।
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पुवांरका के गांव खुर्द में एक बच्ची रात भर खेत में गीली मिट्टी में धंसी रही और पुलिस व परिजन उसे खोजते रहे। सुबह बच्ची के रोने की आवाज सुनकर गार्ड पहुंचे और बच्ची को बाहर निकाला।
घर के बाहर खेल रही नदीम की ढाई साल की बच्ची माहिरा गायब होने के 13 घंटे बाद सुरक्षित आबादी से सटे खेत में मिल गई। माना जा रहा है कि बच्ची खेलते-खेलते खेत की तरफ चली गई होगी। बच्ची के अपहरण की सूचना मिलने के बाद एसएसपी रोहित सिंह सजवाण भी गांव पहुंचे थे।
परिजनों ने उन्हें बताया कि बच्ची मंगलवार शाम छह बजे घर के बाहर से अचानक खेलते हुए गायब हो गई। इसके बाद सीओ मुनीश चंद्र, इंस्पेक्टर जनकपुरी सतेंद्र नागर ने ग्रामीणों के साथ मिलकर डॉग स्क्वॉयड की मदद से जंगल में बच्ची को कई घंटे तक तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस पूरी रात गांव में ही डेरा डाले रही।
बुधवार सुबह करीब सात बजे जनता रोड स्थित एक फैक्ट्री के गार्ड दिलीप व सुरेश ने फैक्टरी के पास खेत में बच्ची के रोने की आवाज सुनी। बच्ची सर्दी से कांप रही थी और उसके शरीर पर मिट्टी लगी थी। गार्ड उसको लेकर खुर्द गांव के अड्डे पर चाय की दुकान चलाने वाले इफ्तिखार की दुकान पर पहुंचे। इफ्तिखार ने गांव में बच्ची के मिलने की सूचना दी। बच्ची के सकुशल बरामद होने से परिजनों व पुलिस ने राहत की सांस ली है।
नदीम के दो बच्चे हैं। एक बड़ा बेटा है, जबकि छोटी बेटी है। नदीम केरल में नौकरी करता है। पुलिस ने बताया कि बच्ची खेलते हुए किसी तरह खेत तक चली गई। खेत में पानी दिया हुआ था, जिसकी गीली मिट्टी में उसके पैर धंस गए। वह वहां से निकल नहीं सकी। बच्ची सुरक्षित है और परिजनों को सौंप दी गई है।