उधर, मृतक के दलित बिरादरी का होने के चलते देवबंद और झबरेड़ा (उत्तराखंड) से भीम आर्मी के सुशील पाटिल, तीरथ पाल, प्रमोद महाजन, मुकेश, मंडल उपाध्यक्ष आलोक आदि कार्यकर्ता घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए।
देवबंद मंडल अध्यक्ष दीपक बौद्ध का आरोप था कि रंजिश के चलते राजन की हत्या कर उसकी लाश को यहां लाकर लटकाया गया है। पुलिस को पूछताछ के आधार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करते हुए हत्यारोपियों की गिरफ्तारी करनी चाहिए। वहीं, इंस्पेक्टर धर्मेंद्र गौतम का कहना है कि शुरुआती जांच में ये आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। आगे की जांच की जा रही है।
चार दिन पूर्व राजन से हुई थी मारपीट
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि चार दिन पूर्व दबंग किस्म के कुछ लोगों ने मृतक राजन के साथ जमकर मारपीट की थी। जिसमें वह घायल हुआ था। हालांकि मारपीट करने की वजह क्या रही। इसको लेकर गांव में तरह तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं।
प्रेम प्रसंग हो सकती है मौत की वजह
राजन की मौत के पीछे प्रेम प्रसंग भी एक कारण हो सकता है। पुलिस को शुरुआती जांच में ये जानकारी मिली है। इस बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है। लेकिन अभी इसको लेकर कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस ने राजन का मोबाइल कब्जे में लिया है।
आम के पेड़ पर मिले ऊपर चढ़ने के निशान
जिस पेड़ पर राजन का शव लटका मिला उस पर किसे के ऊपर चढ़ने के पैरों के निशान मिले हैं। राजन के पैर भी जमीन से मिले हुए थे और दोनों घुटने हल्के मुड़े हुए थे। इसको देखकर ही राजन की हत्या करने की आशंका जताई जा रही है।