सहारनपुर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों का हाल बुरा है। रबड़ चढ़े टायर लगाए जा रहे हैं तो हेडलाइट रोकने को तार से बांधी जा रही है। इंडीकेटर तक टूटे हुए हैं और फर्श टूटने पर टुकड़े लगाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार के परिवहन राज्य मंत्री अशोक कटारिया ने बसों की हालत पर जो बयान दिया, वह भी पूरी तरह सही है। क्योंकि अधिकारियों द्वारा बसों की हालत पर कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रोडवेज के कई चालकों ने यह तक बताया कि मरम्मत के लिए सामान नहीं मिलता तो मरम्मत कैसे होगी।
सहारनपुर से देहरादून, हरिद्वार, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, यमुनानगर आदि रूटों पर करीब 200 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों की हालत जानने के लिए मंगलवार को अमर उजाला टीम रेलवे स्टेशन के निकट स्थित रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची। वहां हरिद्वार के लिए जाने वाली बस की हालत देखने लायक थी, क्योंकि बस का इंडीकेटर टूटा हुआ था। बस के अंदर सीटों के नीचे गंदगी पसरी हुई थी। बीड़ी और गुटखे के पाउच फैले हुए थेे। ऐसे दशा में यात्रियों को रोडवेज बसों में सफर करना काफी कष्टकारी होता है। इस बस पर कार्यरत परिचालक का कहना था कि मरम्मत का सामान समय पर नहीं मिल रहा है। सोमवार को यह बस हरिद्वार जाते समय रास्ते में खराब हो गई थी, जिसे बाद में किसी तरह वर्कशॉप लाया गया।
इसी बस के पीछे खड़ी दूसरी बस के टायर पर पॉलीथिन लिपटी हुई थी, जो रबड़ चढ़े टायर के बीच लगी होती है। इस बस के अलावा भी अन्य बसों में रबड़ चढ़े टायर लगवाए जा रहे हैं। क्योंकि काफी समय से टायरों की खरीद ही परिवहन निगम द्वारा नहीं की गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अब नए टायर आने शुरू हो गए हैं। रीट्रेड (रबड़ चढ़े) टायर पीछे की तरफ ही लगाए जाते हैं।
बसों की रोजाना सफाई और धुलाई होती है। जरूरत पड़ने पर मरम्मत भी होती है। टायरों की समस्या थी, लेकिन अब वह दूर हो रही है। मुख्यालय से टायरों की खरीद हुई है, जिसमें से सहारनपुर परिक्षेत्र को भी टायर मिलने लगे हैं। -- जगदीश सिंह, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम
- रोडवेज बस का टूटा इंडीकेटर और तार से बांध रोकी गई हेडलाइट- फोटो : SAHARANPUR
- रोडवेज की बस में लगा रबड़ चढ़ा टायर, जिसकी पॉलिथीन तक नहीं हटाई गई।- फोटो : SAHARANPUR