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Saharanpur News: रक्षाबंधन आज, बहनों ने खरीदी राखियां और भाइयों ने उपहार

Mon, 19 Aug 2024 12:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षा बंधन आज है। बहनों ने भाईयों के लिए रंग-बिंरगी राखियां और रेशम के धागे एवं चांदी की नगवाली राखियां खरीदी हैं। भाईयों ने बहनों विभिन्न उपहार बहनों के लिए खरीदे।
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इस बार रक्षाबंधन खास है। क्योंकि, तीन दशक के बाद श्रावण मास में पांच साेमवार पड़े हैं। श्रावण मास की शुरुआत सोमवार से हुई थी। रक्षाबंधन भी सोमवार को ही है। रविवार को पर्व को लेकर बाजारों में रौनक दिखाई दी। बहनों ने भाईयों के लिए रंगे-बिरंगे रेशमी धागे, राखियां खरीदी। इसके साथ ही चांदी की राखियां खरीदी हैं। सराफा कारोबारी राम राजीव सिंघल ने बताया कि चांदी वाली राखियों की मांग काफी रही है। सामान्य राखियों की कीमत 20 रुपये लेकर 200 रुपये तक है, जबकि चांदी वाली राखियां के दाम वजन के हिसाब से अलग-अलग है। शहीद गंज के राखी कारोबारी सुनील मल्होेत्रा ने मोरपंखी, श्री राधा-कृष्ण, अयोध्या के श्री राम मंदिर स्वरूप वाली राखियां ज्यादा पसंद की गई हैं। इसके साथ ही रेशमी के धागे भी खूब बिक रहे हैं। भाईयों ने बहनों के लिए सीनरी, राधा-कृष्ण की मूर्ति, श्री राम दरबार, लकड़ी के मंदिर, चॉकलेट पैक, ड्राइफूट पैक सहित अनेक गिफ्ट आइटम खरीदे हैं।
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आज बहनों को उपहार स्वरूप देंगे वाहन
भाइयों ने बहनों के लिए उपहार के रूप देने के लिए कई दिन पूर्व ही वाहनों की एडवांस बुकिंग करा दी थी। इनमें स्कूटर और बैटरी वाली स्कूटी शामिल हैं। कोर्ट रोड ऑटाे मोबाइल व्यापारी निपुण जैन ने बताया कि उनके यहां 50 वाहनों की बुकिंग थी, जिनको सोमवार रक्षा बंधन पर भाई खरीदकर बहनों को देंगे। इसके अलावा 20 बाइक और दो कारें भी बिकेंगी। एक अनुमान के मुताबिक जिले में एक हजार वाहन बिकेंगे।
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पूरे दिन है राखी बांधने का शुभ मुर्हूत
सहारनपुर। ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री शिव बगलामुखी अधिष्ठाता और ज्योतिषाचार्य आचार्य रोहित वशिष्ठ ने बताया कि राखी बांधने का शुभ मुहूर्त पूरे दिन है। रक्षा बंधन पर भद्रा नहीं है। चंद्रमा की राशि के आधार पर भद्रा को तीन वर्ग में बांटा गया है। इनमें स्वर्ग लोक, पाताल लोक और पृथ्वी लोक शामिल हैं, भद्रा जहां स्थित होती है वही अशुभ फल माना जाता है। इस वर्ष रक्षा बंधन पर चन्द्रमा के मकर राशि में स्थित होने के कारण भद्रा का वास स्वर्गलोक में है। इस कारण पृथ्वी पर इसका कोई दोष नहीं है।
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