सहारनपुर। कोरोना की दूसरी लहर के बाद प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की हालत में सुधार आया है। बीते आठ माह से सभी जरूरी दवा उपलब्ध हैं, जिनका लाभ गरीब मरीजों को पहुंच रहा है।
जनपद में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की संख्या 26 है। इनमें से दो केंद्रों का संचालन संस्था द्वारा किया जाता है। यह केंद्र एसबीडी जिला अस्पताल और शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में स्थित हैं। शेष 24 केंद्र व्यक्तिगत तौर पर संचालित हैं। कोरोना काल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर खासा प्रभाव पड़ा। नतीजा यह हुुआ कि ज्यादातर केंद्रों पर ताले पड़ गए। एसबीडी जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज पिलखनी स्थित जन औषधि केंद्र करीब एक साल तक बंद रहे। अब जन औषधि केंद्र आठ माह से सुचारू रूप से चल रहे हैं। पहले केवल लखनऊ से दवा आती थीं। अब साहिबाबाद और चंडीगढ़ भी विकल्प के तौर पर आए हैं। औषधि केंद्र संचालक अपनी मर्जी की जगह से दवाएं मंगा रहे हैं। संचालकों ने बताया कि ऑर्डर के बाद तीन दिन के भीतर दवा पहुंच रही हैं। जिनका लाभ प्रतिदिन हजारों मरीजों को पहुंच रहा है। अकेले एसबीडी जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र से प्रतिदिन 700 से 800 मरीज और तीमारदार दवा खरीदते हैं। इसी प्रकार रंजीत नगर में खुले जन औषधि केंद्र पर प्रतिदिन 100 से अधिक लोग दवा खरीदने पहुंचते हैं।
जन औषधि केंद्रों की खूबी
-बाजार रेट से 50 फीसदी से भी कम दाम पर दवा उपलब्ध।
-600 से ज्यादा प्रकार की गुणवत्तापूर्ण दवा।
-154 प्रकार के सर्जिकल उत्पाद।
अब जो दवा चाहिए मिलती है
एसबीडी जिला अस्पताल स्थित जन औषधि केंद्र पर तैनात आकाश अरोड़ा ने बताया कि बीते आठ माह से सभी दवा मिल रही हैं। उनके पास करीब 400 दवा उपलब्ध हैं। अब मरीजों को बैरंग नहीं लौटना पड़ता है।
तीन दिन में आ जाती है दवा
रंजीत नगर में जन औषधि केंद्र चला रहे उमेश नरूला ने बताया कि अब दवा की किल्लत नहीं है। वह लखनऊ, चंडीगढ़, साहिबाबाद कहीं से भी दवा मंगवा सकते हैं। ऑर्डर देने पर तीन दिन के भीतर दवा पहुंच जाती हैं।