सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग कितना तैयार है। इसकी कलई एक बार फिर से खुल गई। शासन ने तमाम व्यवस्थाओं को परखने के लिए तीन और चार जनवरी को फुल रिहर्सल के आदेश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग ने तीन जनवरी का दिन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगा दिया, जबकि चार जनवरी को फुल रिहर्सल करने की बात कही, लेकिन तीन जनवरी का पूरा दिन व्यवस्थाएं ठीक करने में लगाने के बावजूद चार जनवरी को फुल रिहर्सल में अव्यवस्था नजर आई। अमर उजाला ने समय दर समय एक-एक गतिविधि पर नजर रखी। कहीं चिकित्सा अधिकारी रिहर्सल होने के बाद पहुंचे तो कहीं स्वास्थ्यकर्मी मरीज को ऑक्सीजन तक देने में असमर्थ दिखे पेश है लाइव रिपोर्ट...।
पूर्वाह्न 11:03 बजे
डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिखे मुस्तैद, अधिकारी पहुंचे लेट
सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में बने पीआईसीयू में सुबह से ही फुल रिहर्सल की तैयारी थी। यहां डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी 10:30 बजे पीपीई किट पहनकर तैयार थे। भर्ती करने के लिए एंबुलेंस कोरोना मरीज को लेकर पूर्वाह्न 11:01 बजे जिला महिला अस्पताल के गेट पर पहुंची। पीपीई किट पहने स्वास्थ्यकर्मी दूसरी मंजिल से स्ट्रेचर लेकर दौड़ते हुए 11:03 बजे एंबुलेंस के पास पहुंचे और मरीज को तुरंत स्ट्रेचर पर लिटाकर रैंप के जरिए दूसरी मंजिल तक खींचकर ले गए। उन्हें मरीज को एंबुलेंस से उतारकर पीआईसीयू के एग्जामिनेशन रूम तक पहुंचने में चार मिनट का समय लगा। एग्जामिनेशन रूम में डॉक्टर पंकज ने मरीज की पल्स रेट, बुखार, ऑक्सीजन का स्तर आदि चेक किए, साथ ही कुछ कागजी कार्रवाई भी की गई। यहां से मरीज को व्हील चेयर के जरिए आईसीयू के बेड पर ले जाया गया, जहां मरीज को तुरंत ऑक्सीजन आदि दी गई। मरीज को पूरी तरह इलाज देने में स्वास्थ्यकर्मियों को 13 मिनट का समय लगा। खास बात यह है कि अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अनीता जोशी, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. इंदिरा सिंह और डॉ. पंकज कुमार रिहर्सल के पांच मिनट बाद यानी 11:21 बजे पीआईसीयू पहुंचे। जहां डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों से जानकारी लेने के बाद उक्त अधिकारी वहां से चले गए। फुल रिहर्सल में डॉ. मानवेंद्र सिंह, स्टाफ नर्स वेदप्रकाश, सुदेश, मनोज, रुचि और रश्मि के अलावा वार्ड ब्वाय राजू और शिवम ने मुस्तैद नजर आए।
दोपहर 12:30 बजे
मरीज को ऑक्सीजन नहीं दे सके स्वास्थ्यकर्मी, उपकरणों में जमी मिली धूल
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगे हैं। यहां दस बेड का कोरोना आइसोलेशन वार्ड है। इसके अलावा ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट्स के जरिए सर्जिकल वार्ड, हड्डी वार्ड, मेडिकल वार्ड, न्यू मेडिकल वार्ड, बच्चा वार्ड, ईएनटी वार्ड, एनआरसी वार्ड और कोरोना आइसोलेशन वार्ड के कुल 150 बेड तक पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई है। यहां व्यवस्थाएं परखने के लिए तैनात डॉ. धर्मवीर सिंह दोपहर 12:30 बजे यहां पहुंचे। उनके साथ डॉ. मनीष पांडेय और अस्पताल के मैनेजर विक्रांत तिवारी व अन्य स्टाफ रहा। वह सबसे पहले सर्जिकल वार्ड पहुंचे। इससे पहले कि वह ऑक्सीजन की आपूर्ति को देखते बिजली चली गई। जेनरेटर नहीं होने की वजह से फिलहाल पूरी व्यवस्था बिजली पर निर्भर है। डॉ. धर्मवीर और स्टाफ को बिजली आने का इंतजार करना पड़ा। बिजली करीब 10 मिनट बाद आ गई। यहां तैनात स्वास्थ्यकर्मी मरीज को ऑक्सीजन तक नहीं लगा पाए। एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें ऑक्सीजन देना नहीं सिखाया गया है। इसके बाद डॉ. मनीष पांडेय ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को मरीज को ऑक्सीजन लगाना सिखाया। यहां से पूरी टीम दस बेड के कोरोना आइसोलेशन वार्ड पहुंची। गेट खुलवाकर देखा तो अंदर रखे कंप्यूटर, कुर्सी और मेज पर धूल चढ़ी नजर आई। डॉ. धर्मवीर ने व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद अंदर बेड तक पहुंची पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन के प्रेशर को चेक किया गया। ऑक्सीजन का प्रेशर सही मिला।
फुल रिहर्सल में मरीज को एंबुलेंस से उतारकर स्ट्रेचर पर डालकर पीआईसीयू ले जाते स्वास्थ्यकर्मी।- फोटो : SAHARANPUR
रिहर्सल के बारे में डॉ. प्रवीन कुमार से जानकारी लेती एडी हेल्थ डॉ. अनीता जोशी।- फोटो : SAHARANPUR