सहारनपुर। प्रदेश में शत्रु संपत्तियों का उपयोग गाेशालाओं और निराश्रित गोवंश के चारे के लिए करने की योजना है। इसके लिए सभी उप जिलाधिकारियों को उपयोगी भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निराश्रित गाेवंशों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हरे चारे की अधिक आवश्यकता है। इसके अलावा पशुपालन विभाग की अन्य गतिविधियों के लिए भी भूमि की आवश्यकता है। प्रदेश के प्रमुख सचिव के रविन्द्र नायक ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया कि प्रदेश में घोषित शत्रु संपत्तियों पर चारा उत्पादन और गोवंश संरक्षण केंद्र स्थापित किया जा सकते हैं। उन्होंने गाेशाला स्थापित करने और निराश्रित गोवंश के लिए चारा उत्पादन के लिए शत्रु संपत्ति चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र ने बताया कि इसके लिए सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं।