सहारनपुर। बसपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रजनीश बंधू की नियुक्ति के बाद संगठन में नाराजगी के सुर उठने लगे हैं। तत्कालीन जिलाध्यक्ष जगपाल सिंह ने उनके साले को लेकर सवाल उठाया है कि वह भीम आर्मी को आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रजनीश बंधू ने भी फेसबुक पेज पर पोस्ट किया है कि उनका अपने साले से कोई संबंध नहीं है।
दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीन दिन पहले बड़ा फेरबदल करते हुए जगपाल सिंह को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया। उनके स्थाल पर पाल्ली गांव के रहने वाले रजनीश बंधू को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी गई। अचानक लिए गए इस फैसले को लेकर हर कोई हैरान है। सोशल मीडिया पर तत्कालीन जिलाध्यक्ष के व्हाट्सएप स्टेटस की एक पोस्ट भी वायरल हो रही है। इसमें लिखा है कि नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का साला भीम आर्मी को आगे बढ़ा रहा है।
26 तारीख को मुजफ्फरनगर में हुई रैली में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, जो अपने परिवार को नहीं संभाल पाए वह मिशन मूवमेंट को कैसे संभालेंगे। इस बारे में जब अमर उजाला ने तत्कालीन जिलाध्यक्ष से फोन पर बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यह पोस्ट उनके अकाउंट से नहीं डाली गई है। हालांकि बातचीत में उन्होंने इन सभी बातों की पुष्टि करते हुए कहा कि इस मामले को लेकर बसपा सुप्रीमो से बात हुई है। कुछ लोगों ने बसपा सुप्रीमो को गुमराह किया है। उनको सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। बसपा सुप्रीमो ने मिलने के लिए 8 दिसंबर का समय दे रखा है।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ने कुछ इस तरह की पोस्ट
पिछले दो दिनों चल रही कई तरह की चर्चाओं के बाद नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रजनीश बंधू के फेसबुक पेज एक पोस्ट अपलोड की गई। इसमें लिखा गया कि मेरा ससुराल पक्ष हमेशा बसपा के साथ है और साथ रहेंगे। मेरे छोटे साले अरुण गौतम के साथ मेरा और मेरे ससुराल पक्ष का व्यक्तिगत और पारिवारिक तौर पर किसी प्रकार का संबंध नहीं है, लेकिन बसपा का जिलाध्यक्ष होने के नाते सभी को साथ लेकर चलना मेरी जिम्मेदारी है, जो लोग मेरे साले और ससुराल पक्ष को लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं वह ऐसा न करें। इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी डाली गई है, जिसमें रजनीश बंधू के सास-ससुर भी कह रहे हैं कि वह बसपा के साथ है। बेटा अरुण उनसे अलग रहता है। वहीं, अमर उजाला से बातचीत में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रजनीश बंधू ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।