बच्चों को अगवा कर उनके साथ यौन शोषण, हत्या, अभिभावकों से फिरौती मांगने जैसे लगातार बढ़ रहे अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षा के लिए रविवार को हकीकत नगर स्थित चाइल्ड लाइन संस्था कार्यालय में सेमिनार आयोजित किया गया।
इसमें निर्णय लिया गया कि पुलिस और यह संस्था बच्चों के लिए जल्द ही आपरेशन ‘साहस’ चलाएगी। इसके तहत शारीरिक एवं मानसिक शोषण के शिकार एवं अपराधियों से आतंकित बच्चों और उनके अभिभावकों की मदद की जाएगी।
सेमिनार में आईपीएस डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण के तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक शोषण जारी है। शोषण संबंधी मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
इसलिए अभिभावकों को दोस्तों की तरह बच्चों की काउंसिलिंग करनी चाहिए ताकि कोई भी आपत्तिजनक व्यवहार या शोषण की स्थिति में वे आसानी से अपनी भावनाओं का इजहार कर सकें।
चाइल्ड लाइन निदेशक मंसूर हुसैन ने बताया कि कुछ वर्षों में बच्चों के साथ गंभीर अपराध हुए हैं। कई तरह से शोषित दर्जनों बच्चों को आपरेशन स्माइल के तहत हाल ही में आईपीएस सुनीति के निर्देशन में बरामद किया गया था।
श्रमिक संगठन सीटू के जिलाध्यक्ष तिलकराज भाटिया ने नियम कायदों के बावजूद बाल श्रम पर रोक न लग पाने पर चिंता जताई। केंद्र समन्वयक असमा ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा के अधिकार का अनुपालन नहीं हो रहा है।
सेमिनार में आंगनबाड़ी संगठन की कुर्रत, गुलशन खान, जनवादी महिला समिति से राधा मिश्रा, कुंतेश रानी, विमलावती, अमित कुमार, सतेंद्र कुमार, जुबैर, अरशद, शहनाज, मुनेश, सीमा खान, रानी, शिल्पा आदि रहे।