सहारनपुर। साहित्यिक संस्था ‘समन्वय’ के तत्वावधान में कवि विनोद भृंग द्वारा संपादित कृति ‘गद्य तुम्हारी छंद तुम्हारे’ का बुधवार को लोकार्पण हुआ। स्वामी राम तीर्थ केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण, साहित्यकार डॉ. सम्राट सुधा, डॉ. वीरेंद्र आजम व समन्वय के अध्यक्ष डॉ. ओपी गौड़ ने संयुक्त रूप से लोकार्पण किया।
अध्यक्षता कर रहे रुड़की से आए साहित्यकार डॉ. सम्राट सुधा ने कहा कि विनोद भृंग द्वारा संपादित काव्य संग्रह ‘गद्य तुम्हारी छंद तुम्हारे’ सहारनपुर की काव्यात्मक संपदा व काव्यात्मक इतिहास को सुंदर रूप में उपस्थित करता है। यह संग्रह नगर का काव्य प्रतिबिंब भी है। मुख्य अतिथि पद्मश्री भारत भूषण ने कहा कि काव्य हमेशा से भावों के समंदर से उमड़ता रहा है, जिसमें विद्वता और निरक्षरता का कोई भेद नहीं। उन्होंने कहा कि यह शोध छात्रों के लिए उपयोगी ग्रंथ है। मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र आजम ने कहा कि ‘गंद्य तुम्हारी छंद तुम्हारे’ संग्रह उनके शुभ संकल्पों, पवित्र संस्कारों और पावन परंपराओं का कलश है। डॉ. विपिन कुमार गिरि ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि राजीव उपाध्याय यायावर ने कवि विनोद भृंग का परिचय प्रस्तुत किया। कवि हरिराम पथिक, जया वशिष्ठ, नरेंद्र मस्ताना, अक्षरा उपाध्याय ने दिवंगत रचनाकारों की कविताएं प्रस्तुत की। संचालन डॉ. आरपी. सारस्वत किया। डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. अजय जैन, रमेश चंद्र छबीला, सुनील जैन राणा, रामकुमार शर्मा, पंडित रोहित वशिष्ठ, अरविंद मित्तल, सर्वेश्वर प्रभाकर, गंगेश्वर प्रभाकर, आशुतोष शर्मा, हेम शलभ, सुनील वशिष्ठ, कांता शर्मा, वीणा सारस्वत, डॉ. सुमेधा नीरज, रेखा, विजय शर्मा, शांति देवी आदि मौजूद रहीं।