सहारनपुर। जनपद की ग्राम पंचायतों में रोपित किए 1.75 लाख पौधों को बड़ा वृक्ष बनाने की उद्देश्य से उनकी नियमित रूप से निगरानी होगी। पंचायत राज विभाग के नेेतृत्व में ग्राम प्रधानों व सचिवों द्वारा पर्यावरण मित्र बनाए जाएंगे, जो पौधों की देेखभाल करेंगे।
बरसात शुरू होने के साथ ही जनपद के 11 ब्लॉकों की 884 ग्राम पंचायतों में जिला पंचायत राज विभाग द्वारा पौधरोपण अभियान चलाया गया। बरसात से पूर्व पौधे रोपित करने के लिए जगह चिह्नित कर मनरेगा के श्रमिकों द्वारा गड्ढे खोदे गए थे, जिनमें विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए। विभाग के सर्वे के अनुसार 70 प्रतिशत पौधे अपनी जड़े जमा चुके हैं, लेकिन देखभाल के अभाव में 30 प्रतिशत पौधे बेकार होने की कगार पर हैं।
इसी को देखते हुए बचे हुए और भविष्य में रोपित किए जाने वाले पौधों की देखभाल के लिए ग्राम पंचायतों में प्रधान व सचिव के नेतृत्व में पर्यावरण मित्र बनाए जाएंगे, जो पौधों की देखभाल करेंगे। सुबह और शाम के समय नियमित पानी देने के लिए अलावा खाद भी डाली जाएगी। इसका खर्च ग्राम प्रधान निधि से होगा।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में 10 से 15 बनेंगे पर्यावरण मित्र
पंचायत राज विभाग की ओर ग्राम प्रधान और सचिव के नेतृत्व में प्रत्येक ग्राम पंचायत में 10 से 15 पर्यावरण मित्र बनेंगे। इनमें अच्छा काम करने वाले पर्यावरण मित्रों को शासन और प्रशासन की ओर सम्मानित भी किया जाएगा। इसके साथ ही यह पर्यावरण मित्र स्वच्छता के प्रति भी लोगों को जागरूक करेंगे।
पूर्व में रोपित किए पौधों 50 प्रतिशत ही बच सके
हर वर्ष बरसात से पूर्व ग्राम पंचायतों में पौधरोपण अभियान चलता है। पिछले वर्ष एक लाख पौधों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन देखभाल के अभाव में इनमें 50 प्रतिशत पौधे ही बच पाए थे, लेकिन अब शत-प्रतिशत पौधों को पेड़ बनाने के उद्देश्य से कार्य योजना तैयार कर ली गई है।
ग्राम पंचायतों में रोपित किए गए पौधों की नियमित देखभाल होगी। इसकी जिम्मेदारी प्रधान, सचिव और ग्रामीणों को दी जाएगी। इसके तहत पर्यावरण मित्र बनाए जाएंगे। ताकि कोई भी पौधा बेकार न जाए। -उपेंद्र राज सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी