सहारनपुर। ऑक्सीजन की किल्लत झेल चुके जनपद वासियों के लिए अच्छी खबर है। क्योंकि जिले के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर ऑक्सीजन प्लांट लगने जा रहे हैं। इसकी स्वीकृति हो चुकी है। इनमें 11 प्लांट विधायक निधि से स्थापित होने हैं जबकि दो प्लांट सीएसआर ( कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) के तहत अलग अलग कंपनियों की तरफ से लगवाए जाएंगे।
कोरोना संकट के दौरान संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति करना बड़ी चुनौती रही है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए न सिर्फ उद्योगों को होने वाली सप्लाई को बंद कराया गया बल्कि जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने उत्तराखंड के झबरेड़ा से लेकर बीएचईएल तक से ऑक्सीजन की आपूर्ति कराई। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी लगाई गई।
इसके बाद मेडिकल कालेज से लेकर जिला अस्पताल तक में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू हुई। मेडिकल कालेज में तीन ऑक्सीजन प्लांट का संचालन भी शुरू हो गया है, जिसमें एक प्लांट पीएम केयर्स फंड से लगा है तो एक नगर निगम सहारनपुर ने लगवाया है। वहीं, जिला अस्पताल में भी नगर निगम की तरफ से प्लांट लगाने के लिए 1.90 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
अब जनपद के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए स्वीकृति मिल गई है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विधायक निधि और सीएसआर फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगाने की स्वीकृति मिल गई है। बृहस्पतिवार को जैम पोर्टल पर अपलोड करके टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। सीएचसी फतेहपुर और सीएचसी नानौता पर सीएसआर यानी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत प्लांट लगाए जाने हैं।
----- इन पर विधायक निधि से लगेंगे प्लांट
सीएचसी रामपुर मनिहारान, सीएचसी नागल, सीएचसी गंगोह, सीएचसी नकुड़, सीएचसी सरसावा, सीएचसी चिलकाना, सीएचसी देवबंद, सीएचसी रणखंडी, सीएचसी जड़ौदा पांडा, सीएचसी हरोडा और सीएचसी बेहट।