अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। बायोडीजल के नाम पर मिलावटी तेल का खेल करने वालों में हड़कंप मच गया। बड़गांव क्षेत्र के बेहड़ा में चल रहा अवैध पंप शुक्रवार को बंद कर दिया गया। डीजल मशीन पर पॉलिथीन लपेट दी गई, जबकि बृहस्पतिवार शाम तक पंप पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री धड़ल्ले से हो रही थी। अब पूर्ति विभाग जांच करने में जुटा है। पूर्ति निरीक्षक से जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
अमर उजाला ने 24 जुलाई के अंक में ही बायोडीजल के नाम चल रहे तेल का खेल उजागर करते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। वहीं, शुक्रवार सुबह फिर से पंप पर जाकर पड़ताल की गई तो, वहां पर कोई नहीं मिला। बल्कि मशीन पर पॉलिथीन लिपटी हुई थी। पंप परिसर में बने कमरे पर भी ताला लटका था।
उधर, इसके बाद जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्र ने मामले की जांच के लिए पूर्ति निरीक्षक को निर्देश दिया। पूर्ति निरीक्षक मौके पर निरीक्षण करने गए। जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि हम जांच करा रहे हैं। अवैध रूप से पेट्रोल और डीजल नहीं बेचने दिया जाएगा। पता कराया जा रहा है कि पंप संचालन हो रहा था या नहीं। पूर्ति निरीक्षक से रिपोर्ट तलब की गई है, रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
- मिलावटी तेल की बिक्री से लोगों में है रोष
बड़गांव। बेहड़ा गांव के प्रधान संजू राणा का कहना है कि बृहस्पतिवार देर शाम तक पंप खुला हुआ था, लेकिन शुक्रवार सुबह से पंप नहीं खुला है। उन्होंने भी अपनी बाइक में पूर्व में इस पंप से पेट्रोल डलवाया था, उनकी बाइक का इंजन ही खराब हो गया था। बेहड़ा गांव निवासी शमशेर, सोनू और जसबीर आदि का कहना है उक्त पंप पर मिलावटी तेल बिक्री हो रहा था, जिससे कई किसानों के वाहन खराब हो गए।
-- फिर किस बात की पर्देदारी
बृहस्पतिवार को पंप संचालक अशोक से फोन पर बात की गई थी। उनसे पूछा गया था कि डीजल बिक्री की अनुमति है या नहीं तो, उन्होंने कहा था कि बायोडीजल बिक्री की अनुमति उनके पास है। सवाल उठता है कि जब डीजल बिक्री की अनुमति थी तो फिर शुक्रवार को एकाएक पंप बंद क्यों कर दिया गया।
-- कहां सोता रहा सिस्टम
बड़गांव से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर है बेहड़ा तिराहा, जहां पर यह बायोडीजल पंप लगाया गया है। मुख्य मार्ग होने के चलते वाहनों की आवाजाही खूब होती है। अधिकारी भी यहां से निकलते हैं। सवाल उठता है कि विभागीय अफसरों को यह पंप दिखाई क्यों नहीं दिया, जो पूर्ति निरीक्षक क्षेत्र में ऐसे मामलों पर नजर रखने के जिम्मेदार हैं, वह क्यों आंखें बंद किए रहे।
-- डीजल ही नहीं, पेट्रोल भी बेच रहा था
बेहड़ा तिराहा स्थित पंप पर बायोडीजल के नाम पर सिर्फ डीजल ही नहीं, बल्कि पेट्रोल भी बेचा जा रहा था। पेट्रोल बिक्री के लिए कोई मशीन तक नहीं थी। खुद पंप संचालक ने यह बात कही कि पेट्रोल खरीदने वाले ग्राहक भी आते हैं, इसलिए ड्रम में ही पेट्रोल रखा जाता है।