सहारनपुर। लिंक रोड पर स्थित इंदिरा कैंप कॉलोनी में मजदूर हरीश और सुनीता के घर में दीवाली जैसी खुशियां हैं। हों भी क्यों न, कूड़ा बीनकर पेट पालने वाले इस परिवार के दो बेटों मनीष और रोहन का दाखिला देश के बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में जो हुआ है।
मनीष और रोहन ने बताया कि करीब दस वर्ष पहले वह कूड़ा बीनकर पेट पालते थे। उनकी बस्ती में खुले उड़ान बाल एवं प्रौढ़ शिक्षा केंद्र के संस्थापक अजय सिंघल और उनकी टीम ने उनकी बस्ती के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया। बच्चों की भीड़ में वह चार बहन और भाई भी शिक्षा से जुड़ गए। मनीष ने बताया कि उसने और उसके भाई रोहन ने इसी वर्ष 12वीं पास की है। इसके बाद उड़ान शिक्षा केंद्र ने उसका दाखिला शारदा यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा और उसके भाई का दाखिला वर्ल्ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग गुरुग्राम में कराया है। मनीष ने बताया कि जब वह दाखिला लेने के लिए यूनिवर्सिटी पहुंचा तो उसे लगा कि वह जन्नत में आ गया, क्योंकि उसने ऐसे कॉलेज अभी तक टीवी पर ही देखे थे। मनीष और रोहन खुद को दुनिया का सबसे खुशनसीब व्यक्ति मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब यूनिवर्सिटी और कॉलेज के बारे में जब उन्होंने अपनी बस्ती में आकर बताया तो लोग यकीन नहीं कर रहे थे कि उनका दाखिला ऐसी जगह हुआ है।
समाज को आगे बढ़ाएंगे
मनीष और रोहन ने बताया कि उड़ान संस्था ने उन्हें कचरे से उठाकर इतने बड़े शिक्षण संस्थाओं तक पहुंचाया है। इंजीनियरिंग करने के बाद वह जो भी बनेंगे तो उड़ान संस्था के साथ जुड़कर समाज को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। समाज के गरीब बच्चों को गोद लेकर उनका पढ़ाई का खर्च उठाएंगे।
संस्था उठा रही फीस का पूरा खर्च
फीस चुकाने केे लिए आगे आए समाजसेवी उड़ान बाल एवं प्रौढ़ शिक्षा केंद्र के संस्थापक अजय सिंघल ने शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि उनकी संस्था क्रेजी ग्रीन संगठन द्वारा संचालित और आश्रय फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित है। मनीष की पूरी फीस आश्रय फाउंडेशन के अमल गर्ग के माध्यम से भरी गई है, जबकि रोशन की फीस मीनाक्षी कपूर, अर्पण अग्रवाल और अमित सिंघल भर रहे हैं। पत्रकार वार्ता में अमल गर्ग, अनुराग सेठ, नितिन शर्मा, नवनीत मित्तल, अंकित गुलाटी, मानसी सचदेवा, भूमिका, विपुल बांगा, मनीष, रोहन आदि मौजूद रहे।