जिला अस्पताल के मानक परखेंगी एनक्यूएएस की टीम
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं और संसाधनों का जायजा लेने के लिए एनक्यूएएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) की दो सदस्यीय टीम सोमवार को जिला अस्पताल पहुंच गई। जिला अस्पताल के मैनेजर ने प्रमुख अधीक्षक और अन्य चिकित्साधिकारियों की मौजूदगी में अस्पताल के सभागार में सदस्यों के समक्ष जिला अस्पताल में मौजूद सुविधाएं और संसाधनों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से रखा।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण के आदेश के अनुपालन में एसबीडी जिला अस्पताल ने एनक्यूएएस के लिए आवेदन किया है। बीते करीब दस दिन से अस्पताल प्रशासन तमाम सुविधाओं और संसाधनों को एनक्यूएएस के मानकों के अनुरूप पूरा करने में जुटा रहा। जिला अस्पताल एनक्यूएएस के मानकों पर कितना खरा उतरा है। इसी को परखने के लिए एनक्यूएएस के दो सदस्य जिला अस्पताल पहुंचे हैं। इनमें लखनऊ से पहुंची राजकीय परामर्शदाता डॉ. कमल मिश्रा और मुरादाबाद से आए मंडलीय परामर्शदाता प्रशांत शामिल हैं। दोनों अधिकारियों ने सोमवार को सबसे पहले प्रमुख अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा के दफ्तर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। दोनों अधिकारी तीन दिन तक जिला अस्पताल में सुविधाओं और संसाधनों का आंकलन करेंगे। यदि खामियां हैं तो वह भी बताएंगे, जिससे जिला अस्पताल प्रशासन उनको दूर करा सके। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट तैयार कर ऊपर देंगे, जिसके आधार पर एनक्यूएएस से जिला अस्पताल को प्रमाण पत्र जारी होगा।
जिला अस्पताल में सुविधाएं
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है, जिसमें कुल 12 विभाग हैं, जिनमें तमाम रोग विशेषज्ञों की ओपीडी, वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, लैब, जांच सेंटर और अन्य विभाग शामिल हैं। इसके अलावा प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीज यहां ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें से गंभीर रोगियों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इसके अलावा प्रत्येक माह अलग-अलग तरह के 300 से अधिक ऑपरेशन होते हैं। चिकित्सकों के 61 पद सर्जित हैं, जिनमें से 33 पद भरे हुए हैं। चिकित्सकों की कमी को संविदा पर चिकित्सक रखकर दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
एनक्यूएएस की ओर से दो सदस्यों की टीम जिला अस्पताल भेजी गई है, जो यहां मरीजों को मिल रही सुविधाओं और संसाधनों का आंकलन करेगी। पहले दिन प्रोजेक्टर पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से दोनों अधिकारियों को अस्पताल की मौजूदा स्थिति से रूबरू कराया गया है। हमारा प्रयास यही है कि एनक्यूएएस में हम अपने अस्पताल को अच्छा साबित कर सकें और प्रमाण पत्र हासिल करें।
- डॉ. रमेश चंद्रा, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल