छुटमलपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने बृहस्पतिवार दोपहर सोना सैयद माजरा में हादसे में क्षतिग्रस्त हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। टीम काफी देर तक मौके पर रुककर तकनीकी परीक्षण किया। टीम इसके बाद अपनी रिपोर्ट निर्माण कंपनी को सौंपेगी, जिसके आधार पर ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।
बता दें, कि मंगलवार रात डेढ़ बजे तेज रफ्तार खनिज सामग्री से भरे डंपर की टक्कर की ओवरब्रिज की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सर्विस रोड को भी नुकसान पहुंचा था। ओवरब्रिज की सड़क तक में दरार बन गई थी। इस हादसे में डंपर चालक की भी मौत हो गई थी। ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद एहतियात के तौर पर इसकी दिल्ली को जाने वाली लेन की एक साइड पर अवरोधक लगा कर इसे वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था। हादसे के बाद एनएचएआई के खंड तीन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विशाल गोयल ने निर्माण कंपनी के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया था।
बृहस्पतिवार को फिर से विशाल गोयल एनएचएआई की तकनीकी टीम के साथ सोना सैयद माजरा पहुंचे। यहां टीम ने एक घंटा तक रुककर क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम के सदस्यों ने एनएचएआई और निर्माण कंपनी के अधिकारियों के साथ टोल प्लाजा पर बैठक कर सुरक्षात्मक उपायों पर चर्चा की। इस दौरान निर्माण कंपनी के डीजीएम अशोक शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर आरबी सिंह आदि मौजूद रहे।
कार की टक्कर से बाइक सवार गंभीर
छुटमलपुर। सोना सैयद माजरा ओवरब्रिज की सर्विस रोड पर बृहस्पतिवार को कार की टक्कर से बाइक सवार फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव कमेशपुर निवासी शमीम गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार चालक भाग गया। राहगीरों ने शमीम को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भर्ती कराया। हादसा सोना अस्पताल जाने वाले रास्ते के पास हुआ। शमीम गागलहेड़ी की तरफ से छुटमलपुर जा रहा था कि कार ने उसे टक्कर मार दी। बता दें, कि इस ओवरब्रिज की दूसरी सर्विस रोड पर 28 नवंबर को बजरी से भरा डंपर पलटने से उसके नीचे दबकर कार सवार सात लोगों की मौत हो गई थी। यहीं पर दो दिसंबर की रात फिर हादसा हो गया था।