सहारनपुर। नगर निगम में शासन का वह आदेश बेमानी साबित हो रहा है, जिसमें जन्म प्रमाणपत्र के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। बृहस्पतिवार को भी नगर निगम में मुंशी फाइल तैयार करने में आधार कार्ड की कॉपी संलग्न करते नजर आए।
जन्म प्रमाण पत्र नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत और ग्राम पंचायत आदि के द्वारा जारी किए जाते हैं। नगर निगम में प्रतिदिन 100 से अधिक आवेदन जन्म प्रमाणपत्र के लिए होते हैं। इस लिहाज से महीने में आंकड़ा तीन हजार से अधिक बैठता है। वर्षों से जन्म प्रमाणपत्र के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता की हुई है। अब 24 नवंबर को जारी अपने आदेश में विशेष सचिव ने जन्म प्रमाणपत्र आधार कार्ड में दर्ज जन्म तिथि के आधार पर न बनाने के आदेश सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव आर सचिवों को दिए हैं।
हैरत की बात यह है कि नगर निगम तक में आदेश के दस दिन बाद भी अनुपालन नहीं किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को नगर निगम की पड़ताल की गई। जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र कार्यालय के बाहर पार्क में मुंशी जन्म प्रमाणपत्र के लिए फॉर्म तैयार कराते हुए आधार कार्ड की कॉपी संलग्न कराते नजर आए। उनका कहना है कि बिना आधार कार्ड के फॉर्म स्वीकार नहीं होगा।