शांकभरी। शिवालिक पर्वत शृंखलाओं के मध्य स्थित सिद्धपीठ शांकभरी में मां महागौरी शांकभरी देवी के रूप में विराजमान है। यहां पर आने वाले की सच्चे मन से मांगी गई सभी मन्नते मां पूरी करती हैं। वर्ष भर में शारदीय, चैत्र एवं होली तीन मेले आयोजित होते हैं। इस समय सिद्धपीठ में चैत्र नवरात्र मेला लगा है। इस मेले की सभी व्यवस्थाएं मंदिर व्यवस्थापक राणा आतुल्य प्रताप सिंह द्वारा की जाती है। मां का आशीर्वाद पाने वालो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंह, कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी शामिल हैं। दरबार में राणा परिवार जसमौर द्वारा शारदीय, चैत्र नवरात्र के साथ ही शंकराचार्य आश्रम प्रभारी संत सहजानंद जी महाराज के सानिध्य में गुप्त नवरात्र पर विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।
ये हैं सिद्धपीठ के पवित्र स्थल
सिद्धपीठ क्षेत्र में बाबा भूरादेव मंदिर, छिन्मस्तिका मंदिर, रक्तदंतिका मंदिर, पंच महादेव, बड़केश्वर महादेव, इंद्रेश्वर महादेव, साकेश्वर महादेव, कमलेश्वर महादेव, बडकेश्वर महादेव, सहंस्रा ठाकुर धाम, वीर खेत, प्राचीन गुफा, ठाकुर सहंस्रा भगवान विष्णु की विराट छवि, सूर्य कुंड, गौतम ऋषि की गुफा, बाणगंगा तथा प्रेतशिला सरीखे पवित्र स्थल हैं।
तन मन को निर्मल रखन की प्रक्रिया है नवरात्र
अखिल भारतीय संत संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शंकराचार्य आश्रम प्रभारी सहजानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि पौराणिक शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा के काल में एक वर्ष की चार संधियां हैं। उनमें मार्च और सितंबर में पड़ने वाली गोल संधियों में वर्ष के दो मुख्य नवरात्र हैं। इस समय रोगों से ग्रस्त होने की सबसे अधिक संभावना होती है। ऐसे में उस समय तन मन को निर्मल और पूर्णत: स्वस्थ रखने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया का नाम नवरात्र है।
मंदिर में मां शताक्षी, भ्रामरी, भीमा, शाकंभरी एवं गणेशजी विराजमान हैं। नवरात्र के अतिरिक्त प्रतिदिन शाम एवं प्रात: काल में महाआरती होती है। विश्व शांति के लिए अनुष्ठान एवं पूरे नौ दिन तक दुर्गा सप्तशती पाठ विद्वान वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा किया जाता है।-राणा आतुल्य प्रताप सिंह, मंदिर व्यवस्थापक सिद्धपीठ शांकभरी देवी