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एमएलसी चुनाव: सपा ने शाहनवाज खान को प्रत्याशी बनाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सहारनपुर के युवा सपा नेता शाहनवाज खान को विधान परिषद चुनाव में सपा प्रत्याशी घोषित किया है। शाहनवाज खान ने बुधवार को लखनऊ में विधान परिषद चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके साथ ही सपा प्रत्याशी को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही चर्चाओं का पटाक्षेप हो गया। पूर्व विधायक इमरान मसूद समेत कई सपा नेता टिकट की दावेदारी कर रहे थे। शाहनवाज जनपद के वरिष्ठ सपा नेता और आजम खान के करीबी सरफराज खान के बेटे हैं।
विधान परिषद चुनाव में सपा प्रत्याशी बनाने को लेकर जनपद के कई नेताओं के नाम पिछले कई दिनों से चर्चाओं में थे। इनमें पूर्व विधायक इमरान मसूद, संजय गर्ग, पूर्व मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी, प्रदेश सचिव चौधरी रुद्रसेन अपनी दावेदारी के लिए कई दिनों से लखनऊ में ही डेरा डाले हुए थे। बुधवार को शाहनवाज खान के पर्चा भरने के साथ ही तमाम अटकलों पर विराम लग गया। विधान परिषद चुनाव की दो जून को जारी हुई अधिसूचना के साथ ही जनपद में सपा से प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर इन नेताओं के नाम चर्चाओं में चल रहे थे। इन नेताओं के समर्थक अपने अपने नेताओं को प्रत्याशी बनाने को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम दावे कर रहे थे। समर्थक दावा कर रहे थे कि उनके नेता को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पर्चा भरने की तैयारी के साथ लखनऊ बुलाया है। बुधवार को सपा के चार नेताओं ने विधान परिषद सदस्य प्रत्याशी के तौर पर पर्चे दाखिल किए। इनमें जनपद के युवा नेता शाहनवाज खान भी शामिल हैं। नौ मार्च 1980 में जन्मे शाहनवाज खान इंग्लैंड की लीड्स विश्वविद्यालय से परास्नातक हैं। विधान परिषद सदस्य के लिए प्रत्याशी बनाए गए शाहनवाज खान वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के बेहद करीबी हैं। उनके पिता और वरिष्ठ सपा नेता सरफराज खान सपा सरकार में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं।
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इमरान मसूद को इस बार भी नहीं दी तवज्जो, समर्थक निराश
सहारनपुर। विधान परिषद चुनाव में इमरान मसूद को प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से सबसे निराश उनके समर्थक हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही इमरान मसूद कांग्रेस को छोड़ कर सपा में शामिल हो गए थे, तब उन्होंने बेहट सीट से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन सपा मुखिया ने उन्हें तवज्जो न देकर पूर्व एमएलसी उमर अली खान को टिकट दिया था। उमर अली खान बेहट से विधायक निर्वाचित हुए। अब विधान परिषद चुनाव में माना जा रहा था कि इमरान मसूद को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रत्याशी बना कर उनके ग्रहण लगे सियासी सफर को गति दे सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इमरान मसूद भी टिकट की दावेदारी के लिए कई दिनों से लखनऊ में ही थे, लेकिन सपा मुखिया ने सरफराज खान के बेटे शाहनवाज खान को प्रत्याशी घोषित कर उनका नामांकन पत्र दाखिल करा कर इमरान मसूद की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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