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खनन माफिया हाजी इकबाल 21 करोड़ की बेनामी संपत्ति कुर्क

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खनन माफिया हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति कुर्क करने के मामले में मिर्जापुर थाने पर जानकारी देते ए? - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। प्रशासन ने गिरोह बंद अधिनियम के तहत रविवार को खनन माफिया एवं पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल की 50 बेनामी संपत्तियों को कुर्क किया है। इनमें 600 बीघा कृषि भूमि भी शामिल है। कुर्क की गई संपत्तियों की कीमत करीब 21 करोड़ रुपये हैं और ये संपत्ति इकबाल के नौकर नसीम के नाम पर है। पुलिस-प्रशासनिक का दावा है कि प्रदेश में संपत्ति कुर्क किए जाने की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।
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रविवार की देर शाम पौने आठ बजे पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने कुर्क करने की कार्रवाई की। हालांकि, अंधेरा होने के कारण कुर्क की गई संपत्ति पर सरकारी बोर्ड नहीं लगाए जा सके। एसपी देहात सूरज राय कहना है कि सोमवार को बोर्ड लगा दिए जाएंगे। सूरज राय ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि गिरोहबंद अधिनियम 14(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है। खनन माफिया हाजी इकबाल ने अपने करीबी नौकर नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिर्जापुर को बेनामी सम्पत्ति का मालिक बना रखा था। उन्होंने बताया कि एसआईटी जांच में खुलासा हुआ था कि हाजी इकबाल ने नसीम को लखीमपुर खीरी, गोरखपुर और सीतापुर की चीनी मिलों का डायरेक्टर भी बनाया हुआ है। इसके अलावा उसके पास गोल्डन एग्रीकल्चर फर्म के नाम से 600 बीघा जमीन थी, जो मिर्जापुर क्षेत्र के ही शाहपुर गाड़ा, फतेहपुर टांडा व सफीपुर गांव में स्थित है। पुलिस ने गिरोहबंद अधिनियम में नसीम को 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

पूर्व एमएलसी व खनन माफिया हाजी इकबाल- फोटो : SAHARANPUR

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