सहारनपुर। महायोजना-2031 आधी-अधूरी लागू की गई है। यही वजह है कि महायोजना में शामिल 142 गांवों में से 31 गांव मानचित्र में नहीं हैं। न ही इन गांवों का भू-उपयोग दर्शाया गया है। हैरानी की बात यह है कि सर्किट हाउस को भी उद्योग दर्शा दिया गया।
महानगर के समग्र विकास के लिए महायोजना 2031 तैयार की गई है। इसका मानचित्र मेरठ की एक कंपनी द्वारा जीआईएस के माध्यम से किया गया है। महायोजना में आवासीय, व्यावसायिक, कार्यालय, औद्योगिक, पार्क, यातायात एवं परिवहन सभी के लिए क्षेत्रफल निर्धारित है। जारी मानचित्र पर नजर डालें तो वीआईपी और वीवीआईपी के ठहरने व बैठकों के लिए बना सर्किट हाउस उद्योग दर्शाया गया है। चूंकि यहां कई दशक पहले उद्योग था ऐसे में जीआईएस सर्वे में उद्योग ही आया है, जबकि बीते करीब डेढ़ दशक से यहां सर्किट हाउस है।
इसके अलावा महायोजना में शामिल 142 गांवों में से 31 गांव मानचित्र में नजर नहीं आ रहे हैं। महानगर के करीब चारों ओर मार्ग के दाेनों ओर 30-30 मीटर की हरित पट्टी दर्शाई गई है। इनमें बेहट रोड भी शामिल है, जबकि बेहट रोड पर कुष्ठ आश्रम से लेकर नाजिरपुरा तक करीब चार किलोमीटर तक सड़क सात मीटर की है, इसके दोनों साइड पर आवासीय और व्यावसायिक निर्माण हैं। अब 60 मीटर हरित पट्टी के लिए जमीन कहां से आएगी यह बड़ा सवाल है। (संवाद)